पंतनगर सिडकुल में मजदूरों का उग्र प्रदर्शन
वेतन वृद्धि, बोनस और भोजन की गुणवत्ता को लेकर नाराजगी, प्रबंधन पर अनदेखी का आरोप

उत्तराखंड के पंतनगर स्थित औद्योगिक क्षेत्र सिडकुल में इन दिनों श्रमिकों का गुस्सा सड़कों पर दिखाई दे रहा है। कई बड़ी कंपनियों में काम करने वाले मजदूर वेतन बढ़ाने और बेहतर सुविधाओं की मांग को लेकर लगातार प्रदर्शन कर रहे हैं। तेज गर्मी के बावजूद उनका आंदोलन थमने का नाम नहीं ले रहा, जिससे फैक्ट्रियों का कामकाज भी प्रभावित होने लगा है।
उधम सिंह नगर जिले के इस औद्योगिक क्षेत्र में वी-गार्ड, महाबल ऑटो इंजीनियरिंग प्राइवेट लिमिटेड और बेलाराइज जैसी कंपनियों के कर्मचारी धरने पर बैठे हैं। उनका कहना है कि उन्हें समय पर बोनस नहीं मिलता और खाने की गुणवत्ता भी ठीक नहीं है। सबसे बड़ी मांग यह है कि उनका मासिक वेतन बढ़ाकर 20 हजार रुपये किया जाए।
शुक्रवार को प्रदर्शन और तेज हो गया। धूप और गर्मी के बीच भी मजदूर नारेबाजी करते रहे। इस दौरान एक श्रमिक की तबीयत बिगड़ गई और वह बेहोश हो गया, जिसे तुरंत इलाज दिया गया। फिलहाल उसकी हालत स्थिर बताई जा रही है।
लगातार प्रदर्शन के चलते उत्पादन पर असर पड़ रहा है, जिससे कंपनी प्रबंधन भी दबाव में है। प्रबंधन की ओर से बातचीत की कोशिशें जारी हैं, लेकिन अब तक कोई ठोस नतीजा सामने नहीं आया है। दूसरी ओर, श्रमिक अपनी मांगों पर अड़े हुए हैं।
स्थिति को देखते हुए प्रशासन भी सतर्क है। पुलिस मौके पर पहुंचकर हालात पर नजर बनाए हुए है और सुरक्षा के इंतजाम बढ़ा दिए गए हैं, ताकि कोई अप्रिय घटना न हो।
विशेषज्ञ मानते हैं कि राज्य की अर्थव्यवस्था में औद्योगिक क्षेत्रों की अहम भूमिका होती है। ऐसे में अगर यह आंदोलन लंबा खिंचता है, तो इसका असर उत्पादन के साथ-साथ आर्थिक गतिविधियों पर भी पड़ सकता है। हाल ही में दिल्ली और नोएडा में हुए श्रमिक आंदोलनों के बाद अब पंतनगर में भी उसी तरह की स्थिति बनती दिख रही है। प्रशासन की कोशिश है कि बातचीत के जरिए जल्द समाधान निकाला जाए, ताकि हालात सामान्य हो सकें।