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लखनऊ में उत्तर क्षेत्रीय कृषि सम्मेलन का शुभारंभ, शिवराज सिंह चौहान की अध्यक्षता में जुटे कृषि मंत्री

कार्यक्रम में गणेश जोशी ने किया प्रतिभाग, कृषि विकास और नीतियों पर हुई अहम चर्चा

प्रदेश के कृषि मंत्री गणेश जोशी ने आज लखनऊ में केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान की अध्यक्षता में आयोजित उत्तर क्षेत्रीय कृषि सम्मेलन के शुभारम्भ कार्यक्रम में प्रतिभाग किया। कार्यक्रम में उत्तरप्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की उपस्थिति में कार्यक्रम का विधिवत शुभारंभ किया गया।

सम्मेलन के दौरान आयोजित विषयगत सत्रों में किसान क्रेडिट कार्ड, एग्रीकल्चर इंफ्रास्ट्रक्चर फंड, बागवानी की संभावनाएं, दलहन आत्मनिर्भरता मिशन, राष्ट्रीय खाद्य तेल-तिलहन मिशन तथा डिजिटल एग्रीकल्चर मिशन के अंतर्गत किसान रजिस्ट्री जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तृत समीक्षा और चर्चा की गई। इन सत्रों में उत्तर प्रदेश, हरियाणा, पंजाब, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड सहित छह राज्यों तथा दिल्ली, चंडीगढ़, जम्मू-कश्मीर और लद्दाख जैसे केंद्र शासित प्रदेशों के कृषि एवं बागवानी मंत्रीगण शामिल हुए। साथ ही प्रगतिशील किसानों, केवीके, स्टार्टअप, एफपीओ, वैज्ञानिकों, नाबार्ड, बैंकों और प्रसंस्करण इकाइयों की सक्रिय भागीदारी रही

इस अवसर पर कृषि मंत्री गणेश जोशी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि उनके मार्गदर्शन एवं राज्य में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में प्रदेश में डबल इंजन सरकार द्वारा विभिन्न क्षेत्रों में व्यापक निवेश के माध्यम से चहुंमुखी विकास किया जा रहा है, जिसमें कृषि एवं उद्यानिकी प्रमुख हैं। कृषि मंत्री गणेश जोशी ने कहा कि उत्तराखंड की भौगोलिक एवं कृषि जलवायु परिस्थितियां विविध फसलों के उत्पादन के लिए अत्यंत अनुकूल हैं। उन्होंने कहा कि राज्य में 1.71 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में औद्यानिक फसलें उगाई जा रही हैं, जिससे 11.15 लाख मीट्रिक टन उत्पादन हो रहा है। इसके अतिरिक्त राज्य में लगभग 3,320 मीट्रिक टन शहद और 27,390 मीट्रिक टन मशरूम का उत्पादन किया जा रहा है। मशरूम उत्पादन में उत्तराखंड देश में पांचवें तथा शहद उत्पादन में आठवें स्थान पर है।

कृषि मंत्री गणेश जोशी ने कि किसानों की आय बढ़ाने के उद्देश्य से सेब की अति सघन बागवानी को बढ़ावा दिया जा रहा है। साथ ही मिलेट्स पॉलिसी, कीवी नीति और ड्रैगन फ्रूट खेती के माध्यम से किसानों को प्रोत्साहित किया जा रहा है। उन्होंने यह भी बताया कि राजकीय उद्यान चौबटिया में 10 करोड़ रुपये की लागत से सेब, अखरोट, खुबानी एवं प्लम फसलों पर आधारित सेंटर ऑफ एक्सीलेंस की स्थापना का कार्य प्रगति पर है। इसके अतिरिक्त जापान के सहयोग से 526 करोड़ रुपये की “उत्तराखंड एकीकृत औद्यानिक विकास परियोजना” टिहरी, उत्तरकाशी, नैनीताल और पिथौरागढ़ जनपदों में संचालित की जा रही है।

कृषि मंत्री जोशी ने कहा कि राज्य में पुष्प उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए फ्लोरिकल्चर पॉलिसी तथा उच्च गुणवत्ता वाली पौध सामग्री के उत्पादन हेतु नर्सरी प्रोत्साहन नीति पर कार्य किया जा रहा है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि इस क्षेत्रीय कृषि सम्मेलन से निकलने वाले निष्कर्ष देश और प्रदेश के किसानों के लिए लाभकारी और परिवर्तनकारी सिद्ध होंगे।

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