बीकेटीसी कर्मचारी संघ ने लंबित मांगों को लेकर मुख्यमंत्री और मंदिर समिति अध्यक्ष को फिर सौंपा ज्ञापन
स्थायीकरण, समान वेतन, पदोन्नति और सेवा सुरक्षा समेत विभिन्न मांगों पर शीघ्र निर्णय की मांग, एक सप्ताह में कार्रवाई न होने पर आंदोलन की चेतावनी।

बीकेटीसी कर्मचारी संघ ने उत्तराखण्ड के मुख्यमंत्री एवं बदरीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति के अध्यक्ष महोदय को कर्मचारियों की लंबित एवं जायज मांगों के संबंध में पुनः ज्ञापन प्रेषित किया है।
संघ ने मांग की है कि लगभग 70 सीजनल कर्मचारियों के शासनादेश शीघ्र जारी किए जाएं तथा उत्तराखण्ड शासन द्वारा उपनल कार्मिकों को दिए जा रहे “समान कार्य के लिए समान वेतन” के सिद्धांत के अनुरूप बीकेटीसी के कर्मचारियों को भी समान कार्य हेतु समान वेतन प्रदान किया जाए। इसके अतिरिक्त कर्मचारियों की पदोन्नति, सेवा सुरक्षा, नियमितीकरण एवं अन्य लंबित कर्मचारी हितों से जुड़े विषयों पर भी तत्काल प्रभाव से सकारात्मक निर्णय लिया जाए।
संघ का कहना है कि कर्मचारियों की इन जायज मांगों के संबंध में पूर्व में अनेक बार पत्राचार एवं अनुरोध किए जा चुके हैं, किन्तु अभी तक अपेक्षित कार्यवाही नहीं हो सकी है। अतः शासन एवं मंदिर समिति से अनुरोध किया गया है कि एक सप्ताह के भीतर कर्मचारियों की मांगों पर ठोस निर्णय लिया जाए।
यदि निर्धारित अवधि के भीतर मांगों का समाधान नहीं किया जाता है, तो संयुक्त कर्मचारी संघ बीकेटीसी के तत्वावधान में आगामी आंदोलन की रणनीति तैयार की जाएगी तथा चरणबद्ध धरना-प्रदर्शन एवं आंदोलन प्रारम्भ किया जाएगा। आवश्यकता पड़ने पर बदरीनाथ धाम,केदारनाथ धाम, ज्योतिर्मठ सहित समिति के विभिन्न कार्यालयों, अतिथि गृहों एवं अन्य इकाइयों में आंदोलन चलाया जाएगा।संघ अध्यक्ष ने कहा कि कर्मचारियों के हितों की लगातार उपेक्षा होने पर वे स्वयं ज्योतिर्मठ में धरने पर बैठने के लिए बाध्य होंगे। कर्मचारी संघ ने आशा व्यक्त की है कि शासन एवं मंदिर समिति कर्मचारी हित में शीघ्र निर्णय लेकर आंदोलन की स्थिति उत्पन्न नहीं होने देंगे।