उत्तराखंडदेहरादून

कारगिल विजय दिवस: शहीदों को भावभीनी श्रद्धांजलि, जसपाल राणा को याद कर भावुक हुए पूर्व खेल मंत्री नारायण सिंह राणा

देहरादून। कारगिल विजय दिवस के अवसर पर रविवार को पौंधा स्थित आर रिसॉर्ट में एक गरिमामय श्रद्धांजलि समारोह का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में कारगिल युद्ध के अमर शहीदों को नमन करते हुए उनके अदम्य साहस, शौर्य और सर्वोच्च बलिदान को श्रद्धापूर्वक याद किया गया। इस अवसर पर उत्तराखंड के पूर्व खेल मंत्री नारायण सिंह राणा अपने पुत्र एवं अंतरराष्ट्रीय निशानेबाज जसपाल राणा को याद कर भावुक हो गए। उनके भावुक संबोधन ने समारोह में उपस्थित सभी लोगों की आंखें नम कर दीं।

मुख्य अतिथि के रूप में संबोधित करते हुए पूर्व खेल मंत्री नारायण सिंह राणा ने कहा कि कारगिल के वीर सैनिकों का बलिदान देश के इतिहास में सदैव स्वर्ण अक्षरों में अंकित रहेगा। अपने पुत्र जसपाल राणा को याद करते हुए उन्होंने भावुक स्वर में कहा, “जसपाल बहुत जल्दी चला गया, अभी उसे बहुत कुछ करना था।” उन्होंने कहा कि देश के लिए अपने प्राण न्योछावर करने वाले वीर सैनिकों का ऋण कभी नहीं चुकाया जा सकता और उनका त्याग आने वाली पीढ़ियों को सदैव प्रेरित करता रहेगा।

समारोह में विशिष्ट अतिथियों के रूप में पद्मश्री प्रीतम भरतवाण, के.एस. चौहान, मस्तू दास, शैलेश थपलियाल, नलिनी गोसाईं, रियर एडमिरल गिरीश गुप्ता, एयर कमोडोर मनोज कुमार मसंद, मेजर जनरल आलोक कुमार तथा खंड विकास अधिकारी (विकासनगर) शक्ति प्रसाद ने भी अपने विचार प्रस्तुत किए। मुख्य अतिथि ने सभी विशिष्ट अतिथियों को स्मृति चिह्न एवं शॉल भेंट कर सम्मानित किया।

 

कार्यक्रम की सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने देशभक्ति का वातावरण और अधिक भावपूर्ण बना दिया। जागर सम्राट पद्मश्री प्रीतम भरतवाण ने जसपाल राणा से जुड़ी अपनी स्मृतियां साझा की। उन्होंने कारगिल के वीर शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित कर नमन किया।उन्होंने जागर गायन प्रस्तुत किया, जबकि उनकी टीम ने शहीदों की स्मृति में देशभक्ति गीतों की मनमोहक प्रस्तुति दी। कलाकारों ने गीत, संगीत और नृत्य के माध्यम से वीर जवानों के शौर्य और बलिदान को जीवंत कर दिया।

समारोह के दौरान कारगिल युद्ध में शामिल रहे कर्नल मधुसूदन हजारा ने युद्ध के अपने अनुभव साझा किए। उन्होंने बताया कि किस प्रकार दुर्गम पहाड़ियों और विषम परिस्थितियों के बीच भारतीय सेना ने अदम्य साहस, धैर्य और पराक्रम का परिचय देते हुए दुश्मन को परास्त किया। उन्होंने कहा कि कारगिल विजय भारतीय सेना की वीरता और अनुशासन का अनुपम उदाहरण है।

कार्यक्रम के आयोजक एवं आर रिसॉर्ट के ऑनर अनिरुद्ध रैथवान ने कहा कि कारगिल विजय दिवस का आयोजन करना उनके लिए गर्व का विषय है। उन्होंने कहा कि हमारे सैनिक दिन-रात देश की सीमाओं की रक्षा में तैनात रहते हैं, इसलिए आज देश का प्रत्येक नागरिक सुरक्षित जीवन जी रहा है। ऐसे वीर सैनिकों और शहीदों के प्रति सम्मान व्यक्त करना हम सभी का नैतिक दायित्व है।

इस अवसर पर कैप्टन एस.के. शर्मा, कैप्टन आर.एस. रावत, मेजर जनरल पी. प्रकाश, मेजर जनरल संजय पुरी, ब्रिगेडियर आलोक, कर्नल मधुसूदन हजारा, मेजर डॉ. नरेश गुप्ता, कमांडर टी.डी. भट्ट सहित अनेक सैन्य अधिकारियों एवं ने अपनी गरिमामयी उपस्थिति दर्ज कराई।

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