हरिद्वार में कांवड़ मेले की शुरुआत, उमड़ा आस्था का सैलाब

सावन माह के शुभारंभ के साथ गुरुवार से विश्व प्रसिद्ध कांवड़ मेले की शुरुआत हो गई। धर्मनगरी हरिद्वार पूरी तरह शिवभक्ति के रंग में रंगी नजर आ रही है। देशभर से बड़ी संख्या में कांवड़िए गंगाजल लेने हरिद्वार पहुंच रहे हैं और जल भरकर अपने-अपने गंतव्य की ओर रवाना हो रहे हैं।
इस वर्ष प्रशासन को करीब 5 करोड़ श्रद्धालुओं के मेले में शामिल होने की उम्मीद है। इसी को देखते हुए कांवड़ मार्गों पर पेयजल, शौचालय, चिकित्सा सहायता और अन्य आवश्यक सुविधाओं का व्यापक प्रबंध किया गया है। श्रद्धालुओं की सुविधा और सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए विभिन्न विभागों को जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं।
मेले के सुचारु संचालन के लिए पूरे क्षेत्र को 18 सुपर जोन, 40 जोन और 141 सेक्टरों में विभाजित किया गया है, जहां वरिष्ठ अधिकारियों की तैनाती की गई है। सुरक्षा व्यवस्था के तहत लगभग 6,000 पुलिसकर्मियों, 13 कंपनियों की अर्धसैनिक बल तथा पीएसी को विभिन्न स्थानों पर तैनात किया गया है। इसके अलावा डॉग स्क्वॉयड और बम निरोधक दस्ते लगातार संवेदनशील क्षेत्रों की निगरानी और जांच में जुटे हैं।
फिलहाल कांवड़ मार्गों पर पैदल कांवड़ियों की संख्या लगातार बढ़ रही है। आने वाले दिनों में महाशिवरात्रि के नजदीक पहुंचने के साथ ही डाक कांवड़ का दौर शुरू होगा, जिसके बाद श्रद्धालुओं और वाहनों की संख्या में तेजी से वृद्धि होने की संभावना है। इसे देखते हुए प्रशासन ने अस्थायी पार्किंग स्थलों का निर्माण किया है और व्यापक ट्रैफिक प्लान भी लागू कर दिया है।
श्रद्धालुओं की बढ़ती आवाजाही को देखते हुए हरिद्वार जिले के सभी स्कूलों और आंगनबाड़ी केंद्रों में 30 जुलाई से 11 अगस्त तक अवकाश घोषित किया गया है। इस अवधि में विद्यार्थियों की पढ़ाई ऑनलाइन माध्यम से संचालित की जाएगी।