
देहरादून: उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत शनिवार को प्रवर्तन निदेशालय (ED) के देहरादून स्थित क्षेत्रीय कार्यालय पहुंचे। उन्हें 2016 के कथित भर्ती घोटाले से जुड़े मामले में पूछताछ और कुछ दस्तावेज उपलब्ध कराने के लिए नोटिस भेजा गया था। खास बात यह रही कि रावत गले में अपनी मां की तस्वीर डालकर ईडी कार्यालय पहुंचे।
ईडी के नोटिस को लेकर हरीश रावत ने कहा कि उनसे पुराने आयकर रिटर्न, परिवार से जुड़ी जानकारी और संपत्तियों से संबंधित दस्तावेज मांगे गए हैं। उन्होंने कहा कि नोटिस में परिवार की जानकारी मांगी गई है, लेकिन यह स्पष्ट नहीं है कि इसमें किन-किन सदस्यों को शामिल किया गया है। रावत के मुताबिक, वह मां की तस्वीर इसलिए साथ लेकर आए हैं क्योंकि मां उनके लिए भावनात्मक रूप से महत्वपूर्ण हैं।
2016 की भर्ती परीक्षा से जुड़ा मामला
यह मामला उत्तराखंड अधीनस्थ सेवा चयन आयोग (UKSSSC) की वर्ष 2016 में आयोजित ग्राम पंचायत विकास अधिकारी (VPDO) भर्ती परीक्षा से जुड़ा है। परीक्षा में कथित अनियमितताओं और कुछ अभ्यर्थियों को अनुचित लाभ पहुंचाने के आरोप सामने आए थे।
जांच में आरोप लगा था कि कुछ अभ्यर्थियों की OMR शीट में गलत उत्तरों को बाद में बदलकर सही किया गया। कथित तौर पर कुछ OMR शीट को दोबारा खोलने और फिर सील करने की बात भी जांच में सामने आई थी। मामला सामने आने के बाद भर्ती प्रक्रिया पर सवाल उठे और कई अधिकारियों व अन्य लोगों के खिलाफ कार्रवाई की गई।
चंदन जीना के ठिकानों पर भी हुई थी कार्रवाई
इस मामले की जांच के दौरान तत्कालीन UKSSSC अध्यक्ष आरएस रावत, सचिव मनोहर सिंह कन्याल और परीक्षा नियंत्रक आरएस पोखरिया समेत कई लोगों के नाम सामने आए थे। बाद की जांच में हरीश रावत के तत्कालीन OSD और बाद में निजी सहायक रहे चंदन सिंह जीना का नाम भी सामने आया।
कुछ समय पहले ईडी ने कथित मनी लॉन्ड्रिंग जांच के तहत जीना से जुड़े परिसरों पर छापेमारी की थी। ईडी के मुताबिक, कार्रवाई के दौरान करीब 32 लाख रुपये नकद, सोना और महंगी घड़ियां बरामद की गई थीं।
अब इसी जांच के सिलसिले में ईडी ने हरीश रावत को नोटिस भेजकर दस्तावेजों के साथ उपस्थित होने को कहा था। रावत शनिवार को ईडी कार्यालय पहुंचे और जांच में मांगी गई जानकारी उपलब्ध कराने की बात कही। मामले में आगे की कार्रवाई जांच के दौरान सामने आने वाले तथ्यों और दस्तावेजों पर निर्भर करेगी।