तेल की कीमतों पर हरदीप पुरी का बड़ा बयान

केंद्रीय पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने भारत की ऊर्जा सुरक्षा और पेट्रोल-डीजल की कीमतों को लेकर बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि वैश्विक ऊर्जा बाजार में भारी उतार-चढ़ाव और भू-राजनीतिक तनाव के बावजूद भारत ने अपने 140 करोड़ से अधिक लोगों को ईंधन की कीमतों में होने वाले उतार-चढ़ाव से बचाने की कोशिश की है। पुरी ने कहा कि वैश्विक स्तर पर कच्चे तेल की कीमतों में 70-80 फीसदी तक बढ़ोतरी देखने को मिली, लेकिन इसका पूरा असर भारतीय उपभोक्ताओं पर नहीं पड़ा।
उन्होंने पिछले चार-पांच वर्षों की कीमतों का जिक्र करते हुए कहा कि इस अवधि में भारत में ईंधन की कीमतों में वास्तव में गिरावट आई है। उन्होंने अमेरिका का उदाहरण देते हुए कहा कि वहां डीजल की कीमतों में करीब 6 डॉलर तक की बढ़ोतरी देखी गई, जबकि भारत में सरकार ने कीमतों को नियंत्रित रखने के लिए कदम उठाए। पुरी ने देश में करीब 1.07 लाख पेट्रोल पंपों का भी जिक्र किया और कहा कि मौजूदा वैश्विक संकट के दौरान देश में किसी भी पेट्रोल पंप पर ईंधन की व्यापक कमी नहीं हुई।
उन्होंने पेट्रोल और डीजल पर पिछली 10 रुपये प्रति लीटर की कटौती का उल्लेख करते हुए कहा कि ऐसी राहत की लागत किसी न किसी को वहन करनी पड़ती है। सरकार की कोशिश रही है कि जरूरी ईंधन की उपलब्धता बनी रहे और उसकी कीमत आम लोगों की पहुंच से बाहर न हो। पुरी ने यह भी कहा कि भारत में फिलहाल ऊर्जा की कोई कमी नहीं है। देश की रिफाइनरियां पेट्रोल, डीजल और LPG जैसे जरूरी ईंधन तैयार कर रही हैं और सरकार आपूर्ति को बनाए रखने के लिए लगातार कदम उठा रही है। उनके मुताबिक, भारत ने वैश्विक ऊर्जा संकट के बीच अपनी आपूर्ति व्यवस्था को मजबूत किया है और उपभोक्ताओं को अंतरराष्ट्रीय बाजार के उतार-चढ़ाव से बचाने पर जोर दिया है।