पर्वतीय मार्गों पर लगातार मंडरा रहा हादसों का खतरा: चकराता और विकासनगर क्षेत्र में दो भीषण दुर्घटनाएं, दो की जान गई
त्यूणी राजमार्ग पर खाई में गिरी श्रद्धालुओं की कार, जुड्डो के समीप बेकाबू होकर पलटी मैक्स सवारी गाड़ी
विकासनगर: उत्तराखंड के पर्वतीय और सीमांत मार्गों पर रफ्तार का कहर थमने का नाम नहीं ले रहा है। देहरादून जिले के पहाड़ी इलाकों में दो अलग-अलग सड़क दुर्घटनाओं में दो लोगों को अपनी जान गंवानी पड़ी, जबकि कई अन्य लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। पहली दुर्घटना त्यूणी-चकराता-मसूरी राष्ट्रीय राजमार्ग पर घटित हुई, जहां सिलावड़ा गांव के समीप श्रद्धालुओं को ले जा रही एक कार अनियंत्रित होकर करीब दो सौ मीटर गहरी खाई में जा गिरी। हादसा इतना भयावह था कि वाहन के खाई में गिरते ही चीख-पुकार मच गई। इस दुर्घटना में एक व्यक्ति की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई और दो लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। हादसे का एक वीडियो भी सामने आया है, जिसमें कार के अनियंत्रित होकर नीचे गिरने का मंजर नजर आ रहा है।
दूसरी दुर्घटना विकासनगर-जुड्डो मार्ग पर सामने आई, जहां देहरादून से उत्तरकाशी जिले के पुरोला की ओर जा रही एक मैक्स सवारी गाड़ी जुड्डो के पास अचानक संतुलन खो बैठी और सड़क पर पलट गई। इस वाहन में चालक समेत कुल नौ लोग सवार थे। अचानक हुए इस हादसे में गाड़ी में सवार सत्तर वर्षीय एक बुजुर्ग महिला की मौके पर ही मृत्यु हो गई, जबकि एक अन्य महिला गंभीर रूप से घायल हो गई। दुर्घटना की सूचना मिलते ही पुलिस और एसडीआरएफ (SDRF) की टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए मौके पर पहुंचकर राहत व बचाव कार्य चलाया तथा घायलों को इलाज के लिए नजदीकी अस्पताल पहुंचाया।
दुर्गम और सर्पीले पहाड़ी रास्तों पर लगातार हो रही दुर्घटनाओं ने सुरक्षा और सतर्कता पर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। स्थानीय प्रशासन और राहत दलों ने चालकों से पर्वतीय मार्गों पर वाहन सीमित गति में चलाने और सभी सुरक्षा मानकों का कड़ाई से पालन करने का आग्रह किया है, ताकि इस तरह के जानलेवा हादसों को रोका जा सके।