खटीमा में ‘आदि रंगोत्सव’ का रंगारंग आगाज, 18 राज्यों के जनजातीय कलाकारों ने बांधी सांस्कृतिक छटा
मुख्यमंत्री और केंद्रीय मंत्रियों ने किया शुभारंभ, खटीमा के एकलव्य विद्यालय के लिए 10 करोड़ रुपये की घोषणा

खटीमा: सीमान्त क्षेत्र खटीमा की थारू जनजाति बहुल धरती पर तीन दिवसीय राष्ट्रीय जनजातीय महोत्सव ‘उत्तराखंड आदि रंगोत्सव-2026’ का भव्य एवं सांस्कृतिक शुभारंभ हुआ। इस महोत्सव का उद्घाटन प्रदेश के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी, केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू तथा केंद्रीय जनजातीय कार्य मंत्री जुएल ओराम ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलित कर किया। आयोजन की शुरुआत खटीमा मुख्य चौक से कार्यक्रम स्थल तक निकले एक विशाल रोड शो के साथ हुई, जिसमें उमड़े जनसैलाब ने अतिथियों का जोरदार स्वागत किया। इस ऐतिहासिक अवसर पर केंद्रीय मंत्री जुएल ओराम ने खटीमा स्थित जनजातीय एकलव्य मॉडल आवासीय विद्यालय के आधुनिकीकरण और कायाकल्प के लिए 10 करोड़ रुपये की वित्तीय सहायता देने की बड़ी घोषणा की।
समारोह के दौरान देश के 18 राज्यों से पहुंचे जनजातीय सांस्कृतिक दलों ने अपनी पारंपरिक नृत्य कला और विविध लोक प्रस्तुतियों से उपस्थित जनसमूह को मंत्रमुग्ध कर दिया। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी स्वयं भी उत्तराखंड की लोक संस्कृति के रंगों में रंगे नजर आए और उन्होंने जौनसार-भावर की ढोल-दमाऊ टीम तथा हनुमान अंश के कलाकारों के साथ ढोल बजाकर पारंपरिक नृत्य किया। अपने संबोधन में मुख्यमंत्री ने कहा कि इससे पूर्व आदि रंगोत्सव का दायरा केवल राजधानी तक ही सीमित रहता था, किंतु इस वर्ष इसे थारू संस्कृति के मुख्य केंद्र खटीमा में आयोजित करके सीमान्त क्षेत्रों की जनजातीय कला और ग्रामीण प्रतिभाओं को एक नया मंच प्रदान किया गया है।
आयोजन स्थल पर स्थानीय जनजातीय उत्पादों, हस्तशिल्प एवं पारंपरिक व्यंजनों को बढ़ावा देने के लिए कई स्टॉल लगाए गए हैं, जहाँ बड़ी संख्या में स्थानीय निवासियों और आगंतुकों ने शिरकत की। कार्यक्रम के दौरान केंद्रीय राज्य मंत्री अजय टम्टा, नैनीताल सांसद अजय भट्ट, कैबिनेट मंत्री खजान दास, विधायक प्रदीप बत्रा तथा राम सिंह कैड़ा सहित अनेक जनप्रतिनिधि मौजूद रहे। सांस्कृतिक संध्या में जनजातीय कलाकारों के साथ-साथ स्टार कलाकार श्वेता माहरा और लोक गायिका माया उपाध्याय की प्रस्तुतियों ने भी दर्शकों की खूब तालियां बटोरीं।