
नैनीताल जिले के प्रसिद्ध कैंची धाम में श्रद्धालुओं की बढ़ती संख्या को देखते हुए पुलिस प्रशासन ने वीकेंड के लिए यातायात व्यवस्था में बदलाव किया है। बाबा नीम करौरी के प्रति लोगों की आस्था और उन पर आधारित फिल्म ‘हनुमान अंश’ के बाद मंदिर पहुंचने वाले श्रद्धालुओं की भीड़ चर्चा में है। पर्यटकों की बढ़ती आवाजाही से पहाड़ी मार्गों पर जाम की आशंका को देखते हुए 10 और 11 अक्टूबर के लिए कैंची धाम, भवाली और भीमताल क्षेत्र में विशेष ट्रैफिक प्लान लागू किया गया है।
प्रशासन के मुताबिक, निर्धारित दोनों दिनों में सुबह तीन बजे से रात 11 बजे तक भारी वाहनों की आवाजाही पर प्रतिबंध रहेगा। ऐसे वाहनों को जिले की सीमा पर ही रोकने की व्यवस्था की गई है। वहीं, केमू बसों, निजी बसों और चौपहिया वाहनों के लिए सुबह पांच बजे से रात आठ बजे तक तय रूट का पालन करना अनिवार्य होगा।
पहाड़ जाने और मैदान लौटने के लिए बदले रास्ते
अल्मोड़ा, जागेश्वर, बागेश्वर और पिथौरागढ़ से मैदानी इलाकों की ओर आने वाले वाहनों को लमगड़ा, धानाचूली, धारी, खुटानी बैंड और भीमताल होकर भेजा जाएगा। रानीखेत से आने वाले वाहन क्वारब, ओड़ाखान, रामगढ़ और खुटानी बैंड के रास्ते आगे बढ़ेंगे।
हल्द्वानी और काठगोदाम से पहाड़ी क्षेत्रों में जाने वाले वाहनों को भीमताल के खुटानी बैंड से धारी और धानाचूली बैंड की ओर डायवर्ट किया जाएगा। वहीं, काठगोदाम से रानीखेत जाने वाले वाहन मुक्तेश्वर और रामगढ़ होते हुए अपने गंतव्य तक पहुंचेंगे।
पार्किंग के बाद शटल सेवा से पहुंचेंगे श्रद्धालु
कैंची धाम आने वाले निजी वाहनों के लिए अलग-अलग पार्किंग निर्धारित की गई है। भीमताल की तरफ से आने वाले वाहनों को विकास भवन पार्किंग में खड़ा कराया जाएगा, जबकि गेठिया और नैनीताल की ओर से आने वाले पर्यटक भवाली सैनिटोरियम पार्किंग का इस्तेमाल करेंगे। यहां से मंदिर तक पहुंचने के लिए शटल सेवा उपलब्ध कराई जाएगी।
वीकेंड के दौरान कैंची धाम क्षेत्र और नैनीताल में टैक्सी तथा दोपहिया वाहनों की आवाजाही पर भी प्रतिबंध रहेगा। पुलिस ने लोगों से अपील की है कि यात्रा शुरू करने से पहले निर्धारित मार्गों की जानकारी लें और यातायात नियमों का पालन करें।