उत्तराखंड विधानसभा सत्र: भराड़ीसैंण में आज सत्ता पक्ष-विपक्ष के बीच आर-पार की लड़ाई, धामी सरकार पर रहेंगी निगाहें

गैरसैंण। चमोली जिले के भराड़ीसैंण में मंगलवार से शुरू हो रहे उत्तराखंड विधानसभा सत्र को लेकर सियासी हलचल तेज हो गई है। दो दिवसीय सत्र में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व वाली सरकार और विपक्ष के बीच तीखी बहस होने के आसार हैं। कांग्रेस समेत विपक्षी दलों ने बेरोजगारी, महंगाई, कानून-व्यवस्था और क्षेत्रीय समस्याओं को लेकर सरकार को घेरने की तैयारी की है। वहीं, मुख्यमंत्री की ओर से संभावित घोषणाओं पर भी राजनीतिक गलियारों में चर्चा हो रही है।
विपक्ष के निशाने पर सरकार
विधानसभा सत्र के दौरान विपक्ष कई अहम मुद्दों पर सरकार से जवाब मांग सकता है। रोजगार, महंगाई और प्रदेश की कानून-व्यवस्था के साथ ही पहाड़ी क्षेत्रों में बुनियादी सुविधाओं की स्थिति भी चर्चा के केंद्र में रह सकती है। विपक्षी विधायकों ने विभिन्न मुद्दों पर सवाल तैयार किए हैं। इसके अलावा विधानसभा परिसर के बाहर प्रदर्शन और सरकार के खिलाफ विरोध दर्ज कराने की रणनीति भी बनाई गई है।
विपक्ष की कोशिश होगी कि कम अवधि के इस सत्र में जनहित से जुड़े सवालों को प्रमुखता से उठाया जाए और सरकार को अपने फैसलों तथा योजनाओं पर जवाब देने के लिए बाध्य किया जाए।
धामी सरकार की रणनीति पर नजर
दूसरी ओर, सत्ता पक्ष भी विपक्ष के सवालों का जवाब देने की तैयारी में है। सरकार की ओर से विकास कार्यों, जनकल्याणकारी योजनाओं और पिछले वर्षों में लिए गए फैसलों को प्रमुखता से रखा जा सकता है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के संभावित बड़े एलान को लेकर भी अटकलें लगाई जा रही हैं, हालांकि किसी नई घोषणा की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
दो दिन के सत्र पर टिकी निगाहें
विधानसभा चुनाव से पहले हो रहे इस सत्र का राजनीतिक महत्व काफी बढ़ गया है। ऐसे में सदन में होने वाली बहस और सरकार की ओर से लिए जाने वाले फैसलों पर सभी की नजर रहेगी। गैरसैंण को स्थायी राजधानी घोषित करने, क्षेत्र को जिला बनाने और सड़क, शिक्षा व स्वास्थ्य सुविधाओं में सुधार जैसी स्थानीय मांगें भी अहम मुद्दे बन सकती हैं।
अब देखना होगा कि दो दिनों के इस सत्र में सरकार जनहित से जुड़े सवालों पर क्या जवाब देती है और विपक्ष अपने मुद्दों को कितनी मजबूती से सदन में उठाता है।