जम्मू-कश्मीर कैबिनेट में फेरबदल: मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला की मंत्रिपरिषद में चार नए मंत्रियों ने ली शपथ
श्रीनगर — उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने दिलाई पद और गोपनीयता की शपथ; कांग्रेस ने सरकार में शामिल होने से किया इनकार

श्रीनगर: जम्मू-कश्मीर की राजनीति में बड़ा फेरबदल करते हुए मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला की अगुवाई वाली कैबिनेट में चार नए मंत्रियों को शामिल किया गया है। मंगलवार को राजभवन में आयोजित एक सादे समारोह में उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने नेशनल कॉन्फ्रेंस के चार विधायकों—शमीमा फिरदौस, अली सागर, मीर सैफुल्लाह और अल्ताफ कालू को पद और गोपनीयता की शपथ दिलाई।
यह मंत्रिस्तरीय विस्तार नेशनल कॉन्फ्रेंस सरकार के कार्यकाल के दो वर्ष पूरे होने के अवसर पर किया गया है। हालांकि, इस फेरबदल के साथ ही पार्टी के भीतर आंतरिक नाराजगी के स्वर भी उठने लगे हैं। कई वरिष्ठ विधायक मंत्री पद न मिलने से असंतुष्ट नजर आए, जबकि कुछ विधायकों ने सार्वजनिक रूप से अपनी पीड़ा व्यक्त की है।
दूसरी ओर, राज्य का पूर्ण दर्जा न होने के कारण कांग्रेस ने इस बार सरकार का हिस्सा बनने से साफ इनकार कर दिया है। मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने हाल ही में प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष तारिक हामिद कर्रा से बातचीत कर उन्हें कैबिनेट में शामिल होने का प्रस्ताव दिया था, जिसे कांग्रेस ने अस्वीकार करते हुए बाहर से अपना समर्थन जारी रखने का फैसला किया है।
नियमानुसार, 90 सदस्यीय जम्मू-कश्मीर विधानसभा में पुनर्गठन अधिनियम 2019 के तहत कुल संख्या का अधिकतम 10 प्रतिशत हिस्सा ही मंत्रिपरिषद में शामिल हो सकता है। मुख्यमंत्री को छोड़कर इस सरकार में अधिकतम आठ मंत्री ही हो सकते हैं। नए मंत्रियों के शपथ ग्रहण के बाद प्रशासनिक और राजनीतिक स्तर पर अगले कदमों पर सबकी निगाहें टिकी हुई हैं।