46 गांवों में बदलेगी पीवीटीजी परिवारों की तस्वीर, मूलभूत सुविधाओं पर प्रशासन का जोर
आवास से शिक्षा और स्वास्थ्य तक, पीवीटीजी परिवारों को योजनाओं से जोड़ने की कवायत तेज
जिलाधिकारी ने 46 गांवों में संचालित योजनाओं की समीक्षा कर पात्र परिवारों को लाभान्वित करने के दिए निर्देश
देहरादून जनपद में विशेष रूप से कमजोर जनजातीय समूह (पीवीटीजी) के अंतर्गत बुक्सा जनजाति के परिवारों को केंद्र एवं राज्य सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं का शत-प्रतिशत लाभ उपलब्ध कराने के लिए जिला प्रशासन ने प्रयास तेज कर दिए हैं। जिलाधिकारी डा. आशीष चौहान ने विकासखंड विकासनगर, सहसपुर एवं डोईवाला के 46 गांवों में निवासरत बुक्सा जनजाति के पीवीटीजी परिवारों को विभिन्न सरकारी योजनाओं से संतृप्त करने के निर्देश संबंधित विभागों को दिए हैं।
जिलाधिकारी द्वारा जारी निर्देशों के अनुसार, प्रधानमंत्री जनजाति आदिवासी न्याय महाअभियान (पीएम-जनमन) के तहत इन गांवों में निवासरत परिवारों को सामाजिक-आर्थिक स्थिति, आवास, पेयजल, विद्युत, शिक्षा, स्वास्थ्य तथा अन्य मूलभूत सुविधाओं से संबंधित योजनाओं का लाभ सुनिश्चित किया जाएगा। इसके लिए सभी संबंधित विभागों को अपने-अपने स्तर पर पात्र परिवारों की पहचान कर उन्हें योजनाओं से जोड़ने के निर्देश दिए गए हैं।
जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि चिह्नित गांवों में निवासरत पीवीटीजी परिवारों को योजनाओं का लाभ उपलब्ध कराने में किसी प्रकार की लापरवाही नहीं होनी चाहिए। संबंधित विभागों को पात्र लाभार्थियों का विवरण निर्धारित प्रारूप में उपलब्ध कराने के साथ ही योजनाओं की वर्तमान स्थिति की जानकारी भी प्रस्तुत करनी होगी।
निर्देशों के तहत जनजाति कल्याण विभाग, समाज कल्याण, राजस्व, ग्राम्य विकास, पंचायती राज, स्वास्थ्य, महिला एवं बाल विकास, शिक्षा, खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति, पेयजल, विद्युत तथा लोक निर्माण विभाग सहित अन्य विभागों को अपने-अपने क्षेत्र से संबंधित योजनाओं की प्रगति का विवरण तैयार करने को कहा गया है।
इसके अतिरिक्त, संबंधित अधिकारियों को विद्यालयों में शिक्षकों की उपलब्धता, भवनों की स्थिति, पेयजल, शौचालय, विद्युत संयोजन तथा कंप्यूटर-प्रिंटर जैसी सुविधाओं की जानकारी भी उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं।
जिला प्रशासन का मकसद पीवीटीजी परिवारों तक सरकारी योजनाओं की पहुंच सुनिश्चित करना, मूलभूत सुविधाओं में सुधार लाना तथा पात्र लाभार्थियों को योजनाओं का लाभ दिलाकर उनकी सामाजिक एवं आर्थिक स्थिति को सुदृढ़ करना है।