लक्सर (हरिद्वार)।उत्तराखंड में निवेश के नाम पर धोखाधड़ी का एक और बड़ा मामला सामने आया है। कुख्यात LUCC घोटाले की तर्ज पर अब ‘बॉट ब्रो’ (Bot Bro) नामक कंपनी द्वारा लक्सर क्षेत्र के सैकड़ों निवेशकों से करोड़ों रुपये की ठगी करने का खुलासा हुआ है। पुलिस ने पीड़ितों की तहरीर पर कंपनी के एजेंटों और संचालकों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
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मोटे मुनाफे का जाल और 10 करोड़ की चपत
लक्सर निवासी अधिवक्ता विकास कुमार ने कोतवाली पुलिस को दी गई शिकायत में बताया कि कंपनी के एजेंटों ने उन्हें देहरादून और लक्सर क्षेत्र में निवेश करने पर 6 से 7 फीसदी मासिक मुनाफे का लालच दिया था। झांसे में आकर विकास कुमार ने 10 लाख रुपये निवेश किए। शुरुआती कुछ समय तक तो मुनाफा उनके खाते में आया, लेकिन जल्द ही भुगतान रुक गया।
जांच में सामने आया है कि केवल लक्सर क्षेत्र के ही 250 से अधिक निवेशकों ने इस कंपनी में लगभग 10 करोड़ रुपये से अधिक की राशि लगाई है। इनमें से अकेले 40 लोगों का करीब 47 लाख रुपये फंसा हुआ है।
दुबई से मुजफ्फरनगर तक जुड़े हैं तार
सूत्रों के अनुसार, इस निवेश घोटाले का नेटवर्क केवल उत्तराखंड तक ही सीमित नहीं है। बताया जा रहा है कि इस ठगी का मुख्य मास्टरमाइंड उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर का निवासी है, जो वर्तमान में दुबई में बैठकर इस पूरे सिंडिकेट को संचालित कर रहा है। एजेंटों के माध्यम से उत्तराखंड के अलावा उत्तर प्रदेश, गुजरात, पंजाब, हरियाणा और हिमाचल प्रदेश के लोगों को भी करोड़ों की चपत लगाने की आशंका जताई जा रही है।
वेबसाइट माइग्रेशन के नाम पर टालमटोल
पीड़ितों का आरोप है कि जब मुनाफे की रकम आनी बंद हुई, तो कंपनी उन्हें तकनीकी कारणों का हवाला देकर एक वेबसाइट से दूसरी वेबसाइट पर ‘माइग्रेट’ करती रही। जब निवेशकों ने अपनी मूल पूंजी वापस मांगी, तो एजेंटों ने अभद्रता शुरू कर दी और अब वे फोन भी नहीं उठा रहे हैं।
पुलिस की कार्रवाई
एसएसआई (SSI) नितिन चौहान ने बताया कि अधिवक्ता की तहरीर के आधार पर लविश चौधरी (उर्फ नवाब अली), साजिद चौधरी, राशिद चौधरी, राजकुमार, डॉ. हरिशंकर, नवीन नेगी, अनिल परदेशी और जगपाल सहित अन्य एजेंटों के खिलाफ गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया है।
प्रशासन की चेतावनी: पुलिस ने आम जनता से अपील की है कि वे किसी भी गैर-पंजीकृत कंपनी या अत्यधिक ब्याज का लालच देने वाले ऑनलाइन प्लेटफार्म पर निवेश करने से बचें। मामले की गहनता से जांच की जा रही है और जल्द ही आरोपियों की धरपकड़ के लिए कदम उठाए जाएंगे।