
शहर को स्वच्छ, स्वस्थ एवं प्रदूषण मुक्त बनाए रखने के उद्देश्य से नगर निगम देहरादून ने डेयरियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई शुरू कर दी है। महापौर सौरभ थपलियाल एवं नगर आयुक्त आलोक कुमार पांडे के निर्देशों के क्रम में चलाए गए विशेष निरीक्षण अभियान के दौरान नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर 6 डेयरियों पर कुल 97,500 का चालान कर अर्थदंड वसूला गया, जबकि 6 अन्य डेयरियों को नोटिस जारी किए गए हैं।
नगर निगम के पशुचिकित्सा अनुभाग द्वारा 4, 6 एवं 7 जुलाई को विभिन्न क्षेत्रों में विशेष निरीक्षण अभियान चलाया गया। अभियान के दौरान डेयरियों में स्वच्छता, गोबर निस्तारण एवं अन्य नियमों के अनुपालन की जांच की गई। निरीक्षण के दौरान अनियमितताएं पाए जाने पर संबंधित डेयरी संचालकों के विरुद्ध कार्रवाई की गई।






इसके अतिरिक्त चंद्रमणी रोड एवं सेवला कला क्षेत्र में स्थित दो डेयरियों का पंजीकरण कराया गया। इस दौरान 25 डेयरी पशुओं का पंजीकरण कर नगर निगम को 12,500रुपए का राजस्व प्राप्त हुआ।
नगर निगम ने नियमों की अवहेलना करने वालों के खिलाफ सख्त रुख अपनाते हुए करनपुर निवासी डेयरी संचालक राकेश पाल द्वारा 40,000रुपए का चालान जमा न किए जाने पर उनके विरुद्ध भू-राजस्व अधिनियम के तहत वसूली की कार्रवाई शुरू कर दी है। इस संबंध में जिलाधिकारी एवं तहसील प्रशासन को पत्र भेजा गया है, ताकि बकाया राशि की वसूली सुनिश्चित की जा सके।
वरिष्ठ पशु चिकित्सा अधिकारी डॉ. वरुण अग्रवाल ने बताया कि नगर निगम द्वारा डेयरी संचालकों को गोबर के वैज्ञानिक निस्तारण के लिए लगातार जागरूक किया जा रहा है। वर्तमान में नगर निगम 43 डेयरियों से निशुल्क गोबर संग्रहण कर रहा है। एकत्रित गोबर को ट्रॉलियों के माध्यम से शंकरपुर स्थित गौसदन प्लांट तक पहुंचाया जाता है, जिससे शहर में गंदगी और प्रदूषण को नियंत्रित करने में मदद मिल रही है।
उन्होंने डेयरी संचालकों से अपील की कि वे गोबर को नालियों, सड़कों अथवा सार्वजनिक स्थानों पर न डालें तथा नगर निगम द्वारा उपलब्ध कराई जा रही सुविधाओं का लाभ उठाएं। साथ ही नागरिकों से भी अपील की गई कि यदि कहीं डेयरियों द्वारा नियमों का उल्लंघन किया जा रहा हो तो इसकी सूचना नगर निगम को दें, ताकि तत्काल कार्रवाई की जा सके।
नगर निगम प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि डेयरियों के निरीक्षण, पंजीकरण, गोबर संग्रहण एवं नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कार्रवाई का अभियान आगे भी निरंतर जारी रहेगा, ताकि शहर की स्वच्छता व्यवस्था को और अधिक मजबूत बनाया जा सके।