रामपुर तिराहा कांड की बरसी पर शहीदों को दी गई भावभीनी श्रद्धांजलि, सपनों का सशक्त राज्य बनाने का दोहराया संकल्प
शहीद स्मारक पर पुष्पांजलि अर्पित कर राज्य आंदोलनकारियों के संघर्ष को किया गया नमन, विकास योजनाओं और कड़े कानूनों का हुआ उल्लेख

मुजफ्फरनगर: उत्तराखंड राज्य निर्माण आंदोलन के ऐतिहासिक और दर्दनाक रामपुर तिराहा कांड की बरसी पर मुजफ्फरनगर स्थित शहीद स्मारक पर श्रद्धांजलि सभा का आयोजन किया गया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शहीद स्मारक पहुंचकर पुष्पचक्र अर्पित किया और अलग राज्य की मांग को लेकर अपने प्राणों की आहुति देने वाले अमर आंदोलनकारियों के बलिदान को नमन किया।
2 अक्टूबर 1994 को हुए इस गोलीकांड को याद करते हुए कहा गया कि राज्य आंदोलनकारियों ने उत्तराखंड के निर्माण के लिए असीम यातनाएं, लाठियां और गोलियां सही थीं। इस संघर्ष में प्रदेश की मातृशक्ति का योगदान भी अतुलनीय रहा। सरकार शहीदों की उम्मीदों और आकांक्षाओं के अनुरूप राज्य का सर्वांगीण विकास करने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है, ताकि आंदोलनकारियों का सपना साकार हो सके।
प्रदेश सरकार द्वारा उठाए गए जनकल्याणकारी और ऐतिहासिक कदमों का उल्लेख करते हुए बताया गया कि राज्य आंदोलनकारियों के सम्मान में 10 प्रतिशत क्षैतिज आरक्षण की व्यवस्था लागू की गई है। इसके अलावा, सरकारी नौकरियों में महिलाओं के लिए 30 प्रतिशत आरक्षण, समान नागरिक संहिता और सख्त नकल विरोधी कानून लागू किए गए हैं। भू-माफियाओं के खिलाफ सख्त कार्रवाई करते हुए अब तक 13 हजार एकड़ से अधिक सरकारी भूमि को अवैध कब्जों से मुक्त कराया गया है और यह अभियान आगे भी जारी रहेगा।
संवैधानिक प्रक्रियाओं पर जारी राजनीतिक बयानबाजी पर रुख स्पष्ट करते हुए कहा गया कि मतदाता सूचियों के पुनरीक्षण का कार्य नियमानुसार पारदर्शी तरीके से चल रहा है और इस पर अनावश्यक विवाद पैदा नहीं किया जाना चाहिए। शहीद आंदोलनकारियों के महान त्याग के बल पर ही इस राज्य की नींव रखी गई है और आने वाली भावी पीढ़ियों को एक सुरक्षित, समृद्ध और आत्मनिर्भर उत्तराखंड सौंपना ही शहीदों के प्रति सच्ची श्रद्धांजलि होगी।