UPI ट्रांजैक्शन पर 0.4% MDR चार्ज लगाने की तारीख टलने के आसार, व्यापारियों ने NPCI से की मांग
UPI ट्रांजैक्शन पर 0.4% MDR चार्ज लगाने की तारीख टलने के आसार
15 अक्टूबर से लागू होने वाले प्रस्ताव को 31 दिसंबर 2026 तक टालने की अपील; वित्त मंत्री को भी सौंपा गया ज्ञापन, फैसले पर अभी असमंजस

देश में UPI के जरिए होने वाले 2,000 रुपये से अधिक के मर्चेंट ट्रांजैक्शन पर प्रस्तावित 0.4 प्रतिशत MDR चार्ज को लागू करने की तारीख आगे बढ़ सकती है। त्योहारों के सीजन को देखते हुए व्यापारी संगठनों ने नेशनल पेमेंट्स कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया (NPCI) से इस प्रस्ताव को फिलहाल टालने की मांग की है। व्यापारियों की अपील है कि इस व्यवस्था को 15 अक्टूबर के बजाय 31 दिसंबर 2026 तक स्थगित किया जाए और इसे नए साल से लागू करने पर विचार किया जाए।

व्यापारी संगठनों का मानना है कि त्योहारों के दौरान बाजार में खरीदारी बढ़ती है और बड़ी संख्या में ग्राहक डिजिटल भुगतान के लिए UPI का इस्तेमाल करते हैं। ऐसे में इस समय MDR चार्ज लागू होने से कारोबारियों पर अतिरिक्त बोझ पड़ सकता है। प्रस्ताव को टालने से व्यापारियों को त्योहारों के दौरान राहत मिल सकती है।
वित्त मंत्री से भी की गई तारीख बढ़ाने की मांग
UPI ट्रांजैक्शन पर MDR चार्ज लागू करने के प्रस्ताव को लेकर व्यापारी संगठनों ने वित्त मंत्री से भी हस्तक्षेप करने का आग्रह किया है। NDTV को एक बड़े व्यापारिक सूत्र ने बताया कि संगठनों ने वित्त मंत्री को लिखित ज्ञापन सौंपकर पर्सन-टू-मर्चेंट (P2M) UPI लेनदेन पर MDR लागू करने की तारीख कम से कम छह सप्ताह आगे बढ़ाने की अपील की है।
ज्ञापन में व्यापारियों ने कहा है कि MDR चार्ज को लेकर अभी भी कारोबारियों के बीच स्पष्टता की कमी है। इसी वजह से उन्होंने 15 अक्टूबर की प्रस्तावित तारीख को बढ़ाकर 1 जनवरी 2027 करने का सुझाव दिया है।
NPCI के फैसले का इंतजार
इस प्रस्ताव पर अभी अंतिम निर्णय नहीं हुआ है। NDTV की रिपोर्ट के मुताबिक, मामले से जुड़े सूत्रों ने बताया कि NPCI ने विभिन्न हितधारकों के साथ बातचीत के बाद अब तक कोई अंतिम फैसला नहीं लिया है।
यदि व्यापारी संगठनों की मांग स्वीकार कर ली जाती है, तो त्योहारों के दौरान कारोबारियों को राहत मिल सकती है। फिलहाल, 2,000 रुपये से अधिक के मर्चेंट UPI ट्रांजैक्शन पर प्रस्तावित 0.4 प्रतिशत MDR चार्ज की समयसीमा को लेकर अंतिम स्थिति NPCI के निर्णय के बाद ही स्पष्ट होगी।