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अखिल गढ़वाल सभा द्वारा आयोजित उत्तराखण्ड कौथिग में* आज सुबह 11.00 बजे के सत्र में कौथिग स्थल में कार्यक्रम में खेल कूद प्रतियोगिता का आयोजन हुआ

अखिल गढ़वाल सभा द्वारा आयोजित उत्तराखण्ड कौथिग में

अखिल गढ़वाल सभा द्वारा आयोजित उत्तराखण्ड कौथिग में* आज सुबह 11.00 बजे के सत्र में कौथिग स्थल में कार्यक्रम में खेल कूद प्रतियोगिता का आयोजन हुआ जिसमें सभा के सदस्यों के साथ दर्शकों ने भी प्रतिभाग किया और खेलों का आनंद लिया। सबसे पहले महिलाओं की म्यूजिकल बॉल प्रतियोगिता हुई, जिसमें रंजना ने प्रथम पुरस्कार, लक्ष्मी बहुगुणा को दूसरा व कली नेगी को तीसरा पुरुस्कार मिला। इसके बाद 60 वर्ष से नीचे की महिलाओं की हुई *चमच्च गोली* दौड़ में कमलेश सेमवाल प्रथम, गंगा नेगी द्वितीय व मीणा राणा तृतीय आयी। 60 वर्ष से अधिक की आयु की महिलाओं की चमच्च गोली दौड़ में श्रीमती शांता नेगी प्रथम, श्रीमती शकुंतला नेगी द्वितीय व श्रीमती बसंती बिष्ट तीसरे स्थान पर रही।

अंत मे म्यूजिकल चेयर खेल बहुत मनोरंजक रहा और इसमें श्रीमती कुसुम पटवाल प्रथम, श्रीमती द्वारिका बिष्ट द्वितिय व श्रीमती किरण खंडूरी ने तीसरा स्थान प्राप्त किया।
*अखिल गढ़वाल सभा द्वारा 3 नवंबर को उतराखण्ड कौथिग में शाम 6 बजे गढ़वाली कवि सम्मेलन का आयोजन हुआ*।
मुख्य अतिथि पूर्व सैनिक कल्याण परिषद के अध्यक्ष ब्रिगेडियर जे एन एस बिष्ट रहे और विशिष्ट अतिथि सुप्रसिद्ध साहित्यकार नंद किशोर हटवाल जी रहे। उन्होंने दीप प्रज्वलन कर कायक्रम का शुभारंभ किया। हटवाल जी द्वारा लिखित कहानी की *ढोली* गढ़वाली फ़िल्म को हाल ही में राष्ट्रीय पुरस्कार मिला है।
सभा अध्यक्ष रोशन धस्माना व महासचिव गजेंद्र भंडारी ने 10 दिवसीय कौथिग के समापन दिवस पर समस्त आए हुए कलाकारों , प्रायोजकों , अतिथियों, दर्शकों व मीडिया व समाचार पत्रों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि इस बार सभी लोगों के सहयोग से कौथिग में बहुत भव्यता आ गयी। उन्होंने भविष्य में भी सहयोग की अपेक्षा करी।
कवि सम्मेलन का प्रारंभ कवियित्री प्रिया देवली ने अपनी रचना *मेरु अस्तित्व पता नि, तुम मि तैं क्या समझदा* पढ़ी, इनके बाद कोटद्वार से आये कवि राकेश ध्यानी ने *मशक दमो साज रयाँ कोठारों अनाज रयाँ* कविता पढ़ी, ,पौड़ी से आये मधुसूदन थपलियाल ने *मौत का जागर लग्यां छन आज ब्याली* पढ़ी। घनशाली, टेहरी से आई मधुरवादिनी तिवाड़ी ने *अंच्छया मैल्या मुल्क, बिसरया ढोल दमो की चाल।हमुन खूब मनाई बग्वाल* प्रसिद्ध कवि हेमवती नंदन भट्ट हेमू ने *एंसु का बग्वाल डेरे मा मनोला, उत्तराखंड बनिगे हे जी मुल्क पाली जौला* कविता पढ़ कर भावुक कर दिया।। कोटद्वार से आई रिद्धि भट्ट ने *समलौन्य रैगिंन, वो गुड्डा गुड़िया , वाला दिन कंचा गुल्ली डंडा कुड़ी बाज्यून वाला दिन।* गायी।
पौड़ी से वीरेंद्र पंवार ने *पाज हद से मेले से लाचार छन,जॉन बुन्यु छौ तौन गिच्चा म्वाला छन* गाया और वाहवाही लूटी ।मदन मोहन ढुकलान ने *बरसु बाद*, *मि घर गौं*, *सेई कूड़ी बिजिगे* और *चौक नाचन बैठी गेन, सीढ़ी हिटन बैठी गेन* गा कर दर्शकों की तालियां बटोरी। टेहरी से आये धर्मेंद्र उनियाल ने *उमर हवेगी साठ भुला, अब नि रैन ठाट भुला* प्रस्तुत करी। संचालक डॉ मुनिराम सकलांनी *मुनींद्र* ने अपनी कविता *पहाड़ की अटलता की तरों, अटल हमारू विश्वास* प्रस्तुत करके तालियां बटोरी। सुप्रसिद्ध कवि श्री लोकेश नवानी ने *कविता को एक बाटो, कोरी धरना अर ऐंच एंचे भजर से निकलदन* जय विशाल रावत *गढडेसी* कर्णप्रयाग *ना घोर ब्वारी तैं करवा चौथ, अर व्रत करनी करवा चौथ* प्रस्तुत करके कार्यक्रम का समापन किया।।
कवि सम्मेलन का संचालन साहित्य सचिव डॉ मुनि राम सकलांनी ने किया
इसके साथ ही 10 दिवसीय उत्तराखण्ड कौथिग का भी समापन हुआ।
इस अवसर पर रोशन धस्माना, महासचिव गजेंद्र भंडारी, उपाध्यक्ष श्रीमती निर्मला बिष्ट, प्रवक्ता अजय जोशी, pt उदय शंकर भट्ट, वीरेंद्र असवाल, नत्था सिंह पंवार, dr सूर्य प्रकाश भट्ट, आदि उपस्थित थे।
कौथिग स्थल में स्वास्थ्य शिविर में आज हेल्थ नेटवर्किंग सेवा संस्थान द्वारा आज निः शुल्क हेल्थ कैम्प में 114 लोगो ने जाँच कराई आज के कैम्प में डा० श्री नन्द उनियाल फिजिशियन डा एम पी मैंठानी सर्जन डा एस पी भट्ट डा वी० के० नौटियाल दिब्याग विशेषज्ञ, भट्टऑप्टिकल्स, आभा शर्मा आदी थे।

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