केदारनाथ पैदल मार्ग पर चीरबासा के पास भूस्खलन, सोनप्रयाग में रोके गए श्रद्धालु
पहाड़ी से गिर रहे बोल्डर और मलबे से आवाजाही ठप; सुरक्षा जांच के बाद ही शुरू होगी यात्रा

देहरादून: उत्तराखंड में केदारनाथ धाम की यात्रा के दौरान चीरबासा के समीप पैदल मार्ग क्षतिग्रस्त होने से श्रद्धालुओं की आवाजाही रोक दी गई है। गौरीकुंड से लगभग ढाई किलोमीटर आगे चीरबासा के पास पहाड़ी से लगातार मलबा और पत्थर गिर रहे हैं, जिसके कारण यात्रा मार्ग खतरनाक बन गया है। तीर्थयात्रियों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए प्रशासन ने तत्काल प्रभाव से पैदल मार्ग को बंद कर दिया है।
राहत कार्य और वर्तमान स्थिति
युद्धस्तर पर काम जारी: जनपद पुलिस, जिला आपदा प्रतिक्रिया बल (डीडीआरएफ) और लोक निर्माण विभाग (PWD) की टीमें मौके पर तैनात हैं। मलबे को हटाने और मार्ग को सुचारु बनाने का कार्य तेजी से किया जा रहा है।
सोनप्रयाग में ठहरे श्रद्धालु: मार्ग अवरुद्ध होने के कारण केदारनाथ जा रहे यात्रियों को सोनप्रयाग में ही रोक दिया गया है। प्रशासन के अनुसार, रास्ता साफ करने और उसकी स्थिरता जांचने में कम से कम 3 से 4 घंटे या उससे अधिक समय लग सकता है।
सुरक्षा मानकों का परीक्षण
मार्ग की मजबूती की जांच: प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि केवल मलबा हटाना ही काफी नहीं होगा, बल्कि पहाड़ी और क्षतिग्रस्त रास्ते की स्थिरता व सुरक्षा का पूरा आकलन किया जाएगा।
अपील: आपदा प्रबंधन विभाग ने सोनप्रयाग में मौजूद श्रद्धालुओं से धैर्य बनाए रखने और प्रशासनिक दिशा-निर्देशों का पालन करने का अनुरोध किया है। सुरक्षा मानकों पर खरा उतरने और मार्ग पूरी तरह सुरक्षित पाए जाने के बाद ही यात्रा को आगे बढ़ने की अनुमति दी जाएगी।