छोटे पहाड़ी रूटों पर मिलेगी मिनी बस सेवा, चारधाम यात्रा से निगम ने कमाए 8 करोड़ रुपये
छोटे और दुर्गम मार्गों पर कनेक्टिविटी बेहतर होगी, जबकि चारधाम यात्रा के दौरान निगम की आय में भी अच्छा इजाफा हुआ है।

परिवहन निगम को घाटे से बाहर निकालने के लिए उत्तराखंड सरकार अब नई रणनीति पर काम कर रही है। इसी कड़ी में फैसला लिया गया है कि प्रदेश के पर्वतीय इलाकों के छोटे और संकरे मार्गों पर जल्द ही 50 नई मिनी बसें चलाई जाएंगी। इससे दूर-दराज के क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को निजी वाहनों पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा और उन्हें निगम की नियमित बस सेवा का लाभ मिलेगा। सरकार को उम्मीद है कि इस कदम से यात्रियों की सुविधा बढ़ने के साथ-साथ निगम की आमदनी में भी इजाफा होगा।
सोमवार को विधानसभा में परिवहन मंत्री प्रदीप बत्रा ने विभागीय अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक की। बैठक में परिवहन निगम की वित्तीय स्थिति मजबूत करने, बस सेवाओं के विस्तार और अधूरे विकास कार्यों को जल्द पूरा करने पर चर्चा हुई। मंत्री ने रामनगर और टनकपुर में बन रहे नए बस स्टेशनों की प्रगति की समीक्षा करते हुए बताया कि दोनों परियोजनाओं का लगभग 70 प्रतिशत काम पूरा हो चुका है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि शेष निर्माण कार्य तय समय के भीतर पूरा किया जाए, ताकि यात्रियों को जल्द बेहतर सुविधाएं मिल सकें।
बैठक में यह भी जानकारी दी गई कि इस साल की चारधाम यात्रा परिवहन निगम के लिए लाभदायक साबित हुई है। यात्रा सीजन के दौरान निगम की बसों से अब तक करीब 8 करोड़ रुपये की आय हुई है। वहीं दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे पर किराया कम किए जाने के बाद बड़ी संख्या में यात्री निजी वाहनों की बजाय उत्तराखंड परिवहन निगम की बसों को प्राथमिकता दे रहे हैं, जिससे राजस्व में लगातार बढ़ोतरी दर्ज की जा रही है।
परिवहन मंत्री ने कहा कि प्रदेश में सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था को आधुनिक बनाने पर भी तेजी से काम किया जा रहा है। जल्द ही 50 नई मिनी बसों को पहाड़ी मार्गों पर उतारा जाएगा। इसके अलावा इलेक्ट्रिक बसों के संचालन को ध्यान में रखते हुए चार्जिंग स्टेशनों की संख्या बढ़ाई जाएगी। केंद्र सरकार से लगभग 140 इलेक्ट्रिक बसें मिलने की भी उम्मीद है, जिससे राज्य में पर्यावरण अनुकूल सार्वजनिक परिवहन को बढ़ावा मिलेगा।