DehradunUttrakhand

रेखा आर्या विवाद: कैबिनेट मंत्री के पति गिरधारी लाल साहू और भतीजे गिरफ्तार, पुलिस लेकर पहुंची देहरादून

फर्जी हस्ताक्षर और कूट रचित दस्तावेजों के जरिए कंपनियों में निदेशक बदलने का आरोप; यूपी के झांसी और बरेली से हुई गिरफ्तारियां

देहरादून: कैबिनेट मंत्री रेखा आर्या से जुड़े उत्पीड़न और फर्जी दस्तावेजों के मामले में पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। उत्तराखंड पुलिस ने मंत्री के पति गिरधारी लाल साहू उर्फ पप्पू गिरधारी और उनके भतीजे सतेंद्र राठौर को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस टीम दोनों आरोपियों को उत्तर प्रदेश से गिरफ्तार करने के बाद देहरादून ले आई है। गिरधारी लाल को झांसी से जबकि सतेंद्र राठौर को बरेली के जोगी नवादा से पकड़ा गया है।

विशेष जांच दल (एसआईटी) की पड़ताल में सामने आया है कि गिरधारी लाल साहू और सतेंद्र राठौर ने मिलकर रेखा आर्या के फर्जी हस्ताक्षर किए और कूट रचित दस्तावेज तैयार किए। इन फर्जी दस्तावेजों के आधार पर रेखा आर्या को चार कंपनियों—देवों के देव महादेव, बनखंडो रुद्राक्ष धाम, श्री अंबे ऑटो डीलर्स प्राइवेट लिमिटेड और श्री बनखंडो धाम डेवलपर्स प्राइवेट लिमिटेड—के निदेशक पद से हटाकर सतेंद्र को नया निदेशक बना दिया गया था। अनुचित लाभ कमाने की मंशा से अंजाम दी गई इस धोखाधड़ी का खुलासा होने के बाद मुकदमे में सतेंद्र का नाम भी शामिल किया गया।

देहरादून लाने के दौरान गिरधारी लाल साहू ने मीडिया के समक्ष खुद को निर्दोष बताते हुए कहा कि अगर उनके जेल जाने से उनकी पत्नी को खुशी मिलती है, तो उन्हें इससे कोई शिकायत नहीं है और वे इसके लिए पूरी तरह तैयार हैं।

मामले की जांच कर रही एसआईटी ने ऑडियो क्लिप और विभिन्न गवाहों के बयान अपने कब्जे में लिए हैं। प्राथमिक जांच और गवाहों के बयानों के आधार पर मुकदमे में अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम (एससी-एसटी एक्ट) की धाराएं भी जोड़ी गई हैं। पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, गिरधारी लाल साहू के खिलाफ उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड में हत्या, हत्या के प्रयास, बलवा और गैंगस्टर एक्ट समेत कुल 11 मुकदमे पहले से दर्ज हैं।

उल्लेखनीय है कि 15 अक्टूबर को कैंट थाने में दर्ज एफआईआर के बाद गिरधारी लाल ने अदालत में अग्रिम जमानत की अर्जी दाखिल की थी। हालांकि, देहरादून की विशेष अदालत ने आरोपों की गंभीरता और एससी-एसटी एक्ट के प्रावधानों का हवाला देते हुए जमानत याचिका खारिज कर दी थी और गैर-जमानती वारंट जारी किया था, जिसके बाद पुलिस की कई टीमों ने सर्विलांस की मदद से दोनों आरोपियों को गिरफ्तार किया।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button
error: Content is protected !!