सुप्रीम कोर्ट परिसर धक्का-मुक्की मामला: विपक्षी नेता को शीर्ष अदालत का नोटिस, जवाब दाखिल करने के निर्देश
नई दिल्ली — 12 अक्टूबर के विरोध प्रदर्शन के दौरान महिला पत्रकार के साथ अभद्रता का आरोप; एफआईआर और मुआवजे की मांग

नई दिल्ली: सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को 12 अक्टूबर को अदालत परिसर में विरोध प्रदर्शन के दौरान एक महिला पत्रकार को कथित तौर पर धक्का देने और अभद्रता करने से जुड़ी याचिका पर सुनवाई करते हुए विपक्षी दल के प्रमुख नेता को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है।
प्रधान न्यायाधीश की अध्यक्षता वाली पीठ के समक्ष दायर इस याचिका में आरोप लगाया गया है कि 12 अक्टूबर को सुप्रीम कोर्ट तक निकाले गए पैदल मार्च के दौरान भीड़-भाड़ वाली जगह पर एक वरिष्ठ नेता द्वारा तीन महीने की गर्भवती महिला पत्रकार को जोर से धक्का दिया गया, जिससे उनका संतुलन बिगड़ गया और वे गिर गईं। इस घटना के बाद पीड़िता को अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा था।
याचिकाकर्ता पक्ष की ओर से पैरवी कर रहे वरिष्ठ अधिवक्ता ने अदालत को बताया कि यह केवल भीड़ का धक्का-मुक्की का मामला नहीं था, बल्कि सुरक्षाकर्मियों और मीडियाकर्मियों की मौजूदगी में किया गया हमला था। याचिका में आरोपी नेता और इस घटना में शामिल अन्य लोगों के खिलाफ तत्काल प्रभाव से प्राथमिकी (FIR) दर्ज करने के निर्देश देने के साथ-साथ पीड़िता के लिए उचित मुआवजे की मांग भी की गई है।
उल्लेखनीय है कि 12 अक्टूबर को मतदाता सूची के विशेष पुनरीक्षण (SIR) में कथित गड़बड़ियों और नाम हटाए जाने के विरोध में विभिन्न राजनीतिक दलों के नेता और समर्थक सुप्रीम कोर्ट पहुंचे थे। मामले की गंभीरता को देखते हुए शीर्ष अदालत ने याचिका पर संज्ञान लेते हुए संबंधित पक्षों से अपना पक्ष रखने को कहा है।