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देर रात्रि को हुई अतिवृष्टि के बीच जनपद रुद्रप्रयाग पुलिस रही मुस्तैद, स्वयं की सुरक्षा के साथ-साथ भारी

डीएम व एसपी रुद्रप्रयाग के निर्देशन में फंसे यात्रियों को निकालने का कार्य किया गया शुरू, रेस्क्यू कार्य में हैली सेवा की ली जा रही मदद

गत दिवस की रात्रि में जनपद रुद्रप्रयाग के हरेक क्षेत्र में भारी बारिश होने के कारण विशेषकर अतिवृष्टि से श्री केदारनाथ धाम के पैदल मार्ग गौरीकुण्ड, जंगलचट्टी, भीमबली, लिन्चोली के क्षेत्र में अलग-अलग स्थानों पर ऊपर पहाड़ी से पानी का तेज बहाव व मलबा पत्थर इत्यादि आने से मार्ग क्षतिग्रस्त होने की सूचना प्राप्त हुई। कतिपय स्थानों पर मार्ग पूरी तरह से वॉशआउट भी हुए हैं। इन स्थानों पर फंसे हुए यात्रियों व स्थानीय व्यक्तियों को सुरक्षित रखने हेतु पुलिस अधीक्षक रुद्रप्रयाग द्वारा तत्काल अधीनस्थों को स्वयं की सुरक्षा के साथ ही बचाव तथा रेस्क्यू कार्य किये जाने के निर्देश दिये गये। केदारनाथ धाम यात्रा के पैदल मार्ग पर स्थित विभिन्न पड़ावों व पुलिस चौकियों पर नियुक्त पुलिस बल द्वारा एसडीआरएफ, एनडीआरएफ, डीडीआरएफ तथा जिला प्रशासन के विभिन्न विभागीय अधिकारियों के साथ उचित समन्वय बनाकर रेस्क्यू उपकरणों के साथ पहुंचकर रेस्क्यू कार्य करते हुए सभी यात्रियों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया। अतिवृष्टि के दौरान श्री केदारनाथ धाम में ज्यादा दिक्कतें नहीं आयीं। पैदल पड़ावों पर स्थित लिंचोली व भीमबली में पुलिस व प्रशासन के स्तर से यात्रियों को सुरक्षित स्थानों पर रुकवाया गया। इस दौरान पुलिस के स्तर से भारी बारिश में भीगते हुए राह में फंसे श्रद्धालुओं की हौसला अफजाई की गयी। देर रात्रि में लिंचोली क्षेत्रान्तर्गत स्थित रास्तों में अलग-अलग जगह फंसे यात्रियों को जीएमवीएन एवं पुलिस चौकी परिसर में लाकर सुरक्षित किया गया। भीमबली में पुलिस व प्रशासन के स्तर से यात्रियों को जीएमवीएन, पुलिस चौकी सहित अन्य सुरक्षित जगहों पर रखा गया। गौरीकुण्ड स्थित घोड़ा पड़ाव व तप्तकुण्ड सहित अन्य नदी किनारे के इलाकों को भारी बारिश से पहले ही सुरक्षा के दृष्टिगत जीएमवीएन, प्राइमरी स्कूल, पुलिस चौकी व अन्य ऊपर की तरफ के होटलों में शिफ्ट किया गया

देर रात्रि में हुई अतिवृष्टि के चलते गौरीकुण्ड स्थित डाट पुलिया के समीप मार्ग नदी के कटाव के कारण क्षतिग्रस्त हो गया है। इसी प्रकार से जंगल चट्टी व भीमबली के बीच पैदल मार्ग क्षतिग्रस्त हुआ है। भीमबली पुलिस चौकी से कुछ आगे पैदल मार्ग पूरी तरह से वॉश आउट हुआ है। लिंचोली व थारू कैम्प के मध्य तथा लिंचोली में एसडीआरएफ कैम्प के समीप पैदल मार्ग बुरी तरह क्षतिग्रस्त हुआ है। गौरीकुण्ड से लेकर केदारनाथ धाम के मध्य अलग-अलग स्थानों पर फंसे यात्रियों व स्थानीय लोगों को सुरक्षित निकाले जाने के लिए प्रशासन एवं पुुलिस व रेस्क्यू टीमों ने कार्य प्रारम्भ कर दिया है।

आज प्रातःकाल स्वयं जिलाधिकारी रुद्रप्रयाग डॉ0 सौरभ गहरवार एवं पुलिस अधीक्षक रुद्रप्रयाग डॉ0 विशाखा अशोक भदाणे ने मोर्चा सम्भालते हुए अतिवृष्टि प्रभावित क्षेत्रों का दौरा कर विभिन्न स्थानों पर फंसे श्रद्धालुओं को निकालने का कार्य प्रारम्भ कर दिया गया है। स्थान लिंचोली में फंसे यात्रियों को हैलीपैड पर लाकर हैलीकॉप्टर के माध्यम से शेरसी लाया जा रहा है। अब तक 98 लोगों को हैलीकॉप्टर से सुरक्षित निकाल लिया गया है। यात्रा मार्ग में फंसे यात्रियों का रेस्क्यू निरन्तर जारी है। अतिवृष्टि से हुई क्षति का आंकलन स्थानीय प्रशासन के स्तर से किया जा रहा है।

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