
देहरादून।नगर निगम देहरादून की सफाई व्यवस्था को और अधिक प्रभावी, जवाबदेह एवं परिणाममुखी बनाने के लिए नगर आयुक्त आलोक कुमार पांडेय ने सोमवार को अधिकारियों की महत्वपूर्ण बैठक लेकर कई बड़े प्रशासनिक निर्णय लिए। बैठक में शहर की सफाई व्यवस्था की समीक्षा करते हुए नगर आयुक्त ने मुख्य मार्गों पर दिखाई दे रही गंदगी, कूड़ा उठान की स्थिति और सफाई कार्यों में बरती जा रही लापरवाही पर कड़ी नाराजगी व्यक्त की तथा स्पष्ट निर्देश दिए कि लापरवाह कंपनियों को नोटिस जारी कर स्पष्टीकरण मांगा जाए। नगर आयुक्त ने शहर की सफाई व्यवस्था को सुदृढ़ बनाने के लिए सभी 100 वार्डों के मुख्य सफाई निरीक्षकों और सफाई निरीक्षकों के पटल परिवर्तन कर उनको नए दायित्व भी सौंपे।
नगर आयुक्त ने नगर निगम के सभी मुख्य सफाई निरीक्षकों (सीएसआई) और सफाई निरीक्षकों की जिम्मेदारियों का पुनर्निर्धारण करते हुए विभिन्न वार्डों एवं जोनों में उनके कार्यक्षेत्रों में बदलाव किया है। उन्होंने निर्धारित वार्डों में सफाई व्यवस्था, ऑनलाइन एवं ऑफलाइन शिकायतों के निस्तारण, डोर-टू-डोर कूड़ा संग्रहण, रोड स्वीपिंग, नालियों की सफाई, आईईसी गतिविधियों, कूड़ा निस्तारण और अनुबंधित एजेंसियों के कार्यों की नियमित निगरानी के निर्देश दिए।इसके साथ ही नगर निगम मुख्यालय में कार्यरत कर्मचारियों एवं प्रधान सहायकों के पटल (कार्य विभाजन) में भी व्यापक परिवर्तन किए गए हैं। नई व्यवस्था के तहत प्रधान सहायक पदम थापा को मुख्य लिपिक (स्वच्छता) एवं स्टोर कीपर स्वच्छता का दायित्व दिया गया है, जिसके अंतर्गत शासन, निदेशालय, जिला प्रशासन और न्यायालयों से संबंधित पत्राचार के साथ सफाई उपकरणों एवं सामग्रियों की उपलब्धता सुनिश्चित करने की जिम्मेदारी होगी। प्रधान सहायक दयाल सिंह बिष्ट को वर्कशॉप लिपिक का दायित्व सौंपा गया है।वहीं वरिष्ठ लिपिक विवेक सक्सेना को अधिष्ठान लिपिक स्वास्थ्य अनुभाग की जिम्मेदारी दी गई है, जिसके अंतर्गत कर्मचारियों की सेवा पुस्तिका, वेतन, अवकाश संबंधी कार्यों का संचालन होगा। वरिष्ठ सहायक अशोक डबराल को जन्म मृत्यु लिपिक बनाया गया है, जो जन शिकायतों के निस्तारण, पंजीकरण, डिजिटल भुगतान आदि कार्यों के संचालन की निगरानी करेंगे। इसके अतिरिक्त कनिष्ठ सहायक भुवन चंद्र को ठोस अपशिष्ट प्रबंधन एवं विभिन्न परियोजनाओं की निगरानी तथा अनुबंधित कंपनियों के भुगतान संबंधी कार्यों की जिम्मेदारी सौंपी गई है।
बैठक के दौरान नगर आयुक्त ने विशेष रूप से शहर के प्रमुख मार्गों की सफाई व्यवस्था पर असंतोष जताते हुए कहा कि मुख्य मार्गों, डिवाइडरों, फुटपाथों और सार्वजनिक स्थलों पर कहीं भी कूड़ा दिखाई नहीं देना चाहिए। उन्होंने सभी मुख्य सफाई निरीक्षकों को निर्देश दिए कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में प्रतिदिन प्रभावी निरीक्षण करें और सफाई व्यवस्था की व्यक्तिगत रूप से मॉनिटरिंग करें।
नगर आयुक्त ने इवनिंग सफाई टीमों को भी विशेष कार्ययोजना के साथ काम करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि बाजारों, व्यावसायिक क्षेत्रों और प्रमुख मार्गों पर शाम के समय विशेष सफाई अभियान चलाया जाए तथा रात्रिकालीन सफाई व्यवस्था को और अधिक प्रभावी बनाया जाए।
समीक्षा के दौरान नगर आयुक्त ने सफाई कार्यों में लगी निजी एजेंसियों एवं अनुबंधित कंपनियों के कार्यों पर भी नाराजगी व्यक्त की। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि जिन कंपनियों द्वारा अनुबंध की शर्तों के अनुरूप कार्य नहीं किया जा रहा है, उन्हें तत्काल चिन्हित किया जाए। ऐसी कंपनियों से स्पष्टीकरण प्राप्त कर आवश्यकतानुसार नोटिस जारी किए जाएं तथा उनकी कार्यप्रणाली की विस्तृत समीक्षा की जाए।
इसके साथ ही नगर आयुक्त ने सभी मुख्य सफाई निरीक्षकों को लिखित निर्देश जारी करते हुए कहा कि मुख्य मार्गों पर कहीं भी कूड़ा दिखाई नहीं देना चाहिए। अपने-अपने आवंटित वार्डों में नियमित पर्यवेक्षण करते हुए समयबद्ध तरीके से कूड़ा उठान सुनिश्चित किया जाए तथा सफाई कार्यों में किसी भी प्रकार की लापरवाही नहीं बरती जाए।
नगर आयुक्त आलोक कुमार पांडेय ने स्पष्ट कहा कि शहर की सफाई व्यवस्था नगर निगम की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है और इसमें किसी भी स्तर पर शिथिलता स्वीकार नहीं की जाएगी। उन्होंने कहा कि जवाबदेही तय कर दी गई है और अब सभी अधिकारियों एवं कर्मचारियों को जमीनी स्तर पर परिणाम देने होंगे।बैठक में मुख्य नगर स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. आनंद शुक्ला, उप नगर आयुक्त तनवीर मारवाह, मुख्य सफाई निरीक्षक एवं नगर निगम के अन्य संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।
इन सफाई निरीक्षकों को सौंपे दायित्व
मुख्य सफाई निरीक्षक मनीष दरियाल को वार्ड 19, 26, 27 का जोनल प्रभारी बनाया गया है। मुख्य सफाई निरीक्षक भूपेंद्र सिंह पंवार को वार्ड 98, 99, 100 तथा हर्रावाला स्वच्छता केंद्र की जिम्मेदारी सौंपी गई है। मुख्य सफाई निरीक्षक पुष्पा रौथाण को वार्ड 15, 16 एवं 18 सहित डांडा लाखोंड आदि का दायित्व दिया गया है। मुख्य सफाई निरीक्षक मनोज कुमार को वार्ड 31, 32, 36 एवं 25 में डोर-टू-डोर कूड़ा संग्रहण और अपशिष्ट प्रबंधन की निगरानी सौंपी गई है, जबकि मुख्य सफाई निरीक्षक विश्वनाथ सिंह चौहान को वार्ड 83, 84 एवं 85 तथा एडब्ल्यूएसम नियमों के अंतर्गत कार्यों को संचालित कराने का दायित्व सौंपा गया है।