
देहरादून। पेयजल निगम सेवानिवृत्त अधिकारी, कर्मचारी वेलफेयर एसोसिएशन की छह सूत्रीय मांगों को लेकर मंगलवार को सचिव पेयजल रणवीर सिंह चौहान की अध्यक्षता में त्रिपक्षीय वार्ता हुई। मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन के हस्तक्षेप के बाद हुई वार्ता में सेवानिवृत्त कर्मियों की विभिन्न समस्याओं के समाधान को लेकर कई महत्वपूर्ण सहमतियां बनीं।
वार्ता में सेवानिवृत्त कर्मियों की ग्रेच्युटी, राशिकरण, महंगाई राहत, चिकित्सा प्रतिपूर्ति समेत करीब 20 करोड़ रुपये की देय धनराशि चार किस्तों में भुगतान करने का निर्णय लिया गया। वहीं, उत्तराखंड राज्य गठन के बाद 7 नवंबर 2002 को पेयजल निगम के गठन के बीच सेवानिवृत्त हुए उन कर्मियों, जिन्हें अब तक उत्तर प्रदेश पेयजल निगम का कार्मिक माना जा रहा है, को उत्तराखंड के अन्य सेवानिवृत्त कर्मियों की तरह सुविधाएं देने पर भी सहमति बनी।
सेवानिवृत्त कर्मियों को जीवित प्रमाण पत्र पोर्टल के माध्यम से घर बैठे जमा करने की सुविधा देने और इसके लिए एक माह के भीतर पोर्टल तैयार करने पर सहमति बनी। इसके अलावा पेंशन का भुगतान प्रत्येक माह की पहली तारीख को करने तथा बजट उपलब्धता के अनुसार कार्यरत कर्मचारियों के वेतन से पहले सेवानिवृत्त कर्मियों की पेंशन भुगतान को प्राथमिकता देने का निर्णय लिया गया।
बैठक में सेवानिवृत्त मंडलीय लेखाकारों के ग्रेड वेतन को 4600 रुपये से बढ़ाकर शासनादेश के अनुरूप 4800 रुपये करने और उसी आधार पर पेंशन फिक्सेशन करने पर भी सहमति बनी।
एसोसिएशन ने शासन के सकारात्मक रुख के लिए मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन और सचिव पेयजल रणवीर सिंह चौहान का आभार जताया। इसके बाद एसोसिएशन ने 20 अगस्त को प्रस्तावित एक दिवसीय धरना-प्रदर्शन और 25 अगस्त से प्रस्तावित 48 घंटे के अनशन को स्थगित करने का निर्णय लिया।
बैठक में पेयजल निगम की ओर से वित्त निदेशक तोमर और मुख्य अभियंता मुख्यालय संजय सिंह तथा एसोसिएशन की ओर से अध्यक्ष ई. सुरेश चंद पंत, महासचिव दिनेश भंडारी और वरिष्ठ उपाध्यक्ष एसपीएस देवड़ा शामिल हुए।