उत्तराखंड में बारिश का कहर: 5 जिलों में ऑरेंज अलर्ट, कई जगह स्कूल बंद, भूस्खलन का बढ़ा खतरा
देहरादून समेत पांच जिलों में भारी से बहुत भारी बारिश की चेतावनी, मसूरी में 100 साल पुराना पेड़ गिरा, प्रशासन ने लोगों से सतर्क रहने की अपील।

उत्तराखंड में लगातार हो रही बारिश ने जनजीवन को प्रभावित करना शुरू कर दिया है। मौसम विज्ञान केंद्र, देहरादून ने गुरुवार (9 जुलाई) के लिए राज्य के कई हिस्सों में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। मौसम विभाग के अनुसार देहरादून, हरिद्वार, ऊधम सिंह नगर, नैनीताल और चंपावत जिलों में कहीं-कहीं भारी से बहुत भारी बारिश होने की संभावना है। इन जिलों के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है, जबकि राज्य के अन्य जिलों में भारी बारिश की आशंका के चलते येलो अलर्ट लागू किया गया है।
मौसम विभाग का कहना है कि बारिश के दौरान तेज गर्जना, बिजली चमकने और आकाशीय बिजली गिरने की घटनाएं भी हो सकती हैं। संवेदनशील इलाकों में भूस्खलन, चट्टानें गिरने और सड़कों के बाधित होने का खतरा बना रहेगा। लोगों को अनावश्यक यात्रा से बचने और प्रशासन की सलाह का पालन करने की अपील की गई है।
पूर्वानुमान के अनुसार शुक्रवार (10 जुलाई) को भी यही स्थिति बनी रह सकती है। विभाग ने अगले कुछ दिनों तक यानी 14 जुलाई तक राज्य के अधिकांश हिस्सों में बारिश जारी रहने की संभावना जताई है।

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भारी बारिश के अलर्ट को देखते हुए अल्मोड़ा में कक्षा 1 से 12 तक के सभी सरकारी, निजी और अशासकीय स्कूलों के साथ आंगनबाड़ी केंद्रों में अवकाश घोषित किया गया है। इसके अलावा देहरादून, नैनीताल, ऊधम सिंह नगर और पिथौरागढ़ में भी स्कूल और आंगनबाड़ी केंद्र आज बंद रहेंगे।
इस बीच मसूरी में लगातार बारिश के कारण एक बड़ा हादसा होते-होते टल गया। अपर माल रोड स्थित बेकरी हिल के पास करीब 100 साल पुराना विशाल पेड़ अचानक सड़क पर गिर पड़ा। पेड़ की चपेट में एक कार और तीन स्कूटी आ गईं, लेकिन सौभाग्य से उस समय कोई भी वाहन में मौजूद नहीं था, जिससे किसी तरह की जनहानि नहीं हुई।
पेड़ गिरने के बाद सड़क पर लंबा जाम लग गया और पर्यटकों के साथ स्थानीय लोगों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा। सूचना मिलते ही पुलिस, फायर सर्विस और वन विभाग की टीमें मौके पर पहुंचीं। कटर मशीन की मदद से पेड़ को कई हिस्सों में काटकर हटाया गया। करीब एक घंटे की मशक्कत के बाद सड़क को दोबारा यातायात के लिए खोल दिया गया।
उधर, उत्तरकाशी समेत कई पहाड़ी इलाकों में बारिश और भूस्खलन के कारण सड़कें बार-बार बंद और खुल रही हैं। प्रशासन लगातार हालात पर नजर बनाए हुए है और लोगों से मौसम अपडेट देखकर ही यात्रा करने की सलाह दे रहा है।