उत्तराखंड

देहरादून कब्रिस्तान के बाहर लगा ‘बाहरी शवों’ पर रोक वाला बोर्ड हटेगा, हाईकोर्ट ने दिए तत्काल आदेश

कब्रिस्तान में बाहरी शवों के दफन पर रोक संबंधी बोर्ड को लेकर उठे विवाद पर हाईकोर्ट ने सख्त रुख अपनाया और प्रशासन को बिना देरी किए बोर्ड हटाने का निर्देश दिया।

देहरादून के क्लेमेंटाउन स्थित मोरोवाला कब्रिस्तान में लगाए गए एक विवादित बोर्ड को लेकर उत्तराखंड हाईकोर्ट ने अहम आदेश जारी किया है। अदालत ने जिलाधिकारी देहरादून को निर्देश दिया है कि कब्रिस्तान के बाहर लगाया गया वह बोर्ड तत्काल हटाया जाए, जिसमें बाहरी लोगों के शव दफनाने पर रोक की बात लिखी गई थी।

मामले की सुनवाई वरिष्ठ न्यायमूर्ति मनोज कुमार तिवारी की एकलपीठ ने की। कोर्ट ने कहा कि प्रशासन यह भी सुनिश्चित करे कि आखिर किस आधार पर शवों को दफनाने से रोका जा रहा है और पूरे मामले में कानून के अनुसार उचित निर्णय लिया जाए।

यह मामला देहरादून निवासी अख्तर हुसैन की ओर से दायर याचिका के बाद हाईकोर्ट पहुंचा। याचिका में कहा गया कि मोरोवाला कब्रिस्तान का संचालन करने वाली स्थानीय कमेटी ने एक बोर्ड लगाकर बाहरी लोगों के शव दफनाने पर रोक लगा दी है। बोर्ड में स्पष्ट रूप से लिखा गया था कि यहां केवल स्थानीय लोगों के शव ही दफनाए जाएंगे।

याचिकाकर्ता का कहना था कि वह कई वर्षों से इस क्षेत्र में रह रहे हैं और उनके पूर्वजों को भी इसी कब्रिस्तान में दफनाया गया है। इसके बावजूद स्थानीय कमेटी द्वारा उन्हें और अन्य लोगों को कब्रिस्तान के इस्तेमाल से वंचित किया जा रहा है।

अख्तर हुसैन ने अपनी याचिका में दलील दी कि इस तरह की रोक भारतीय संविधान में नागरिकों को मिले समानता और अन्य मौलिक अधिकारों का उल्लंघन है। उन्होंने अदालत से स्थानीय कमेटी की इस कार्रवाई पर रोक लगाने और सभी पात्र लोगों को कब्रिस्तान में शव दफनाने की अनुमति सुनिश्चित करने की मांग की थी।

सुनवाई के बाद हाईकोर्ट ने याचिका का निस्तारण करते हुए जिलाधिकारी को आवश्यक कार्रवाई करने और पूरे मामले का कानूनी प्रक्रिया के तहत समाधान सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

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