मुख्यमंत्री ने उद्योग विभाग की गेमचेंजर योजनाओं की समीक्षा की, निवेश प्रस्तावों की ग्राउंडिंग में तेजी लाने के निर्देश

देहरादून: मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मंगलवार को सचिवालय में उद्योग विभाग की गेमचेंजर योजनाओं की समीक्षा बैठक में अधिकारियों को निर्देशित किया कि इन्वेस्टर्स समिट में प्राप्त निवेश प्रस्तावों की ग्राउंडिंग की प्रक्रिया को और तेज किया जाए। उन्होंने निवेशकों को हर स्तर पर सुविधाएं देने, “निवेश मित्र” तैनात करने और राज्य के शीर्ष 50 निवेशकों से नियमित संपर्क बनाए रखने के निर्देश दिए।
मुख्यमंत्री ने ईज़ ऑफ डूइंग बिजनेस, उद्यम रजिस्ट्रेशन और भूमि आवंटन से जुड़ी प्रक्रियाओं की निरंतर मॉनिटरिंग करने व सिंगल विंडो सिस्टम को और अधिक सरल बनाने पर बल दिया। उन्होंने सीएम स्वरोजगार योजना के तहत लाभार्थियों की संख्या बढ़ाने और राज्य की नई नीतियों का अधिक प्रचार-प्रसार कर अधिक से अधिक युवाओं को लाभान्वित करने के निर्देश दिए। साथ ही, एक्सपोर्ट पॉलिसी के तहत राज्य के उत्पादों को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बढ़ावा देने और निर्यात से जुड़े लोगों को प्रोत्साहित करने पर भी ज़ोर दिया।
पर्वतीय जिलों में हैंडलूम, होमस्टे व एग्रो-बेस्ड लघु उद्योगों को प्राथमिकता देने और स्टार्टअप पॉलिसी को उद्योग विभाग से जोड़ते हुए यूथ इनक्यूबेशन सेंटर स्थापित करने के निर्देश भी मुख्यमंत्री ने दिए।
बैठक में सचिव उद्योग विनय शंकर पाण्डेय ने बताया कि अमृतसर-कोलकाता इंडस्ट्रियल कॉरिडोर के तहत खुरपिया फार्म में 1002 एकड़ भूमि पर इंटीग्रेटेड मैन्युफैक्चरिंग क्लस्टर के निर्माण के लिए एसपीवी गठित किया जा चुका है। 1265 करोड़ रुपये की लागत वाली इस परियोजना से 22 हजार लोगों को रोजगार मिलेगा। केंद्र सरकार द्वारा इस हेतु 207 करोड़ रुपये की धनराशि भी जारी की जा चुकी है।
बैठक में अवस्थापना अनुश्रवण परिषद के उपाध्यक्ष श्री विश्वास डाबर, मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन, प्रमुख सचिव आर.के. सुधांशु, आर. मीनाक्षी सुंदरम सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।