
चमोली/गोपेश्वर (1 फरवरी 2026): देवभूमि उत्तराखंड के चमोली जिले से एक दिल दहला देने वाली और मानवता को शर्मसार करने वाली घटना सामने आई है। जिले के खैनुरी गांव के समीप बराली नामक स्थान के जंगल में एक नवजात शिशु का शव मिलने से पूरे इलाके में हड़कंप मच गया है। शव की स्थिति बेहद दर्दनाक थी, जिसे देखकर स्थानीय लोगों की रूह कांप गई।
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घास काटने गई महिलाओं की पड़ी नजर घटना का खुलासा तब हुआ जब गांव की कुछ महिलाएं जंगल में घास काटने और पशु चराने गई थीं। वहां उन्होंने झाड़ियों के बीच नवजात का शव देखा। इसकी सूचना बाल कल्याण समिति (CWC) गोपेश्वर के माध्यम से कोतवाली चमोली को दी गई। पुलिस अधीक्षक (SP) सुरजीत सिंह पंवार ने मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए तत्काल फॉरेंसिक टीम और एसओजी (SOG) को मौके पर भेजा।
जानवरों ने नोचा शव, 7-8 महीने का था शिशु फॉरेंसिक टीम की प्राथमिक जांच और आशा कार्यकर्ताओं के अनुसार: नवजात के शरीर को जंगली जानवरों द्वारा नोचा गया है। शरीर पर जगह-जगह खरोंच के निशान हैं और कुछ हिस्सा जानवरों ने खा लिया है। आशा कार्यकर्ता ने बताया कि शिशु पूर्णतः विकसित अवस्था में था और उसकी गर्भावधि लगभग 7 से 8 माह प्रतीत हो रही है।
DNA सैंपल सुरक्षित, अस्पतालों का रिकॉर्ड खंगाल रही पुलिस पुलिस ने शव का पंचायतनामा भरकर उसे जिला चिकित्सालय गोपेश्वर भेज दिया है। शिनाख्त: शव को पहचान के लिए 72 घंटे तक मोर्चरी में सुरक्षित रखा जाएगा। जांच: भविष्य की जांच के लिए डीएनए (DNA) सैंपल सुरक्षित रखे जाएंगे।तफ्तीश: पुलिस अब क्षेत्र की आशा कार्यकर्ताओं, सरकारी और प्राइवेट अस्पतालों से हाल ही में गर्भवती रही महिलाओं का रिकॉर्ड जुटा रही है, ताकि आरोपी तक पहुंचा जा सके।
पुलिस की अपील कोतवाली प्रभारी ने आम जनता से अपील की है कि यदि किसी के पास इस घटना से जुड़ी कोई जानकारी हो, तो वह 9411112860 या जिला नियंत्रण कक्ष 9411112977 पर सूचना दे सकते हैं। सूचना देने वाले का नाम पूरी तरह गोपनीय रखा जाएगा।