फिर चर्चाओं में एंजेल चकमा हत्याकांड, अरुणाचल प्रदेश के मंत्री ने दिया बड़ा बयान
बीते साल दिसंबर में त्रिपुरा के छात्र एंजेल चकमा की हत्या कर दी गई थी. इस हत्याकांड का मुख्य आरोपी अभी भी फरार है.

अरुणाचल प्रदेश के खादी एवं ग्रामोद्योग बोर्ड के चेयरमैन मालिंग गोम्बु आज एक मई को देहरादून में थे. देहरादून में उन्होंने बुद्ध पूर्णिमा के अवसर पर आयोजित एक कार्यक्रम में हिस्सा लिया. इस दौरान उन्होंने कुछ समय पहले देहरादून में हुई नॉर्थ ईस्ट के छात्र एंजेल चकमा हत्याकांड का जिक्र किया. उन्होंने एंजेल चकमा हत्याकांड निंदनीय और चिंताजनक करार दिया है. साथ ही उम्मीद जताई है कि जल्द ही एंजल चकमा मामले में न्याय मिलेगा.
दरअसल, देहरादून के सेलाकुई में त्रिपुरा के रहने वाले 21 वर्षीय एमबीए छात्र एंजेल चकमा की 9 दिसंबर 2025 को चाकू मारकर हत्या कर दी गई थी. मिली जानकारी के अनुसार एंजेल चकमा और उसके भाई माइकल पर कुछ लोगों ने नस्लीय टिप्पणी की थी, जिसके बाद दोनों पक्षों के बीच विवाद हो गया था. इस दौरान कुछ आरोपियों ने एंजेल चकमा को बूरी तरह से पीटा था, जिससे एंजेल चकमा गंभीर रूप से घायल हो गया था.
एंजेल चकमा को देहरादून के निजी हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया था, जहां 17 दिनों बाद उपचार के दौरान 26 दिसंबर 2025 को एंजेल चकमा की मौत हो गई थी. एंजेल चकमा के मर्डर का मुद्दा पूरे देश में छाया था. इस पूरे मामले में पुलिस ने पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है, जबकि इस हत्याकांड का मुख्य आरोपी अभी भी फरार है.
घटना के सामने आने के बाद त्रिपुरा के मुख्यमंत्री माणिक शाह ने उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से फोन पर बातकर सख्त कार्रवाई की मांग की थी. आज देहरादून पहुंचे अरुणाचल प्रदेश के खादी एवं ग्रामोद्योग बोर्ड के चेयरमैन मालिंग गोम्बु ने एंजेल चकमा के हत्या की घटना को निंदनीय और चिंताजनक बताया है. .
साथ ही कहा कि उन्हें उम्मीद है कि भारत में अनेकता में एकता की, जो विशेषता है इसको सभी लोग समझेंगे. साथ ही समय के साथ इस तरह की घटनाओं पर कमी आएगी. साथ ही एंजेल चकमा मामले पर कहा कि नॉर्थ ईस्ट की सरकार ने उत्तराखंड की सरकार साथ बात कर रहे हैं, ताकि अपराधियों को सजा मिले. हालांकि, सरकार की ओर से प्रयास किया जा रहा हैं. ऐसे में उन्हें उम्मीद है कि जल्द ही एंजेल चकमा मामले में न्याय मिलेगा.