गोर्खाली सुधार सभा इन्द्रानगर-गल्जवाड़ी शाखा का वार्षिक अधिवेशन संपन्न
मेधावी छात्र-छात्राओं को छात्रवृत्ति, वरिष्ठ नागरिकों और समाजसेवियों का सम्मान

देहरादून, 15 जून। गोर्खाली सुधार सभा की इन्द्रानगर-गल्जवाड़ी शाखा का वार्षिक अधिवेशन पूर्व सैनिक समिति सामुदायिक भवन, गल्जवाड़ी में शाखा अध्यक्षा विमला देवी की अध्यक्षता में सफलतापूर्वक आयोजित किया गया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में केंद्रीय अध्यक्ष पदम सिंह थापा उपस्थित रहे। उनके साथ उपाध्यक्ष पूजा सुब्बा चंद, महासचिव गोपाल क्षेत्री, सचिव मधुसूदन शर्मा एवं मीडिया प्रभारी प्रभा शाह भी मौजूद रहे कार्यक्रम का शुभारंभ अतिथियों के स्वागत एवं अभिनंदन के साथ हुआ। शाखा अध्यक्षा विमला देवी ने बीते वर्ष में शाखा द्वारा किए गए कार्यों तथा आय-व्यय का विस्तृत विवरण प्रस्तुत किया। इस दौरान शाखा की ओर से गोर्खा कल्याण परिषद की अध्यक्षा एवं दर्जाधारी राज्यमंत्री ज्योति कोटिया तथा उपाध्यक्ष एवं दर्जाधारी राज्यमंत्री अभिषेक शाही को सम्मानित किया गया।

अधिवेशन में चंद्र बहादुर भट्टराई, जगदीश प्रसाद रेड्डी, सुखदेव गुरूंग तथा लक्ष्य फाउंडेशन के केदार जोशी ने अपने विचार व्यक्त किए। वक्ताओं ने समाज के उत्थान, शिक्षा और युवा सहभागिता पर जोर दिया। सभा के पदाधिकारियों ने संगठन की उपलब्धियों और भावी योजनाओं की जानकारी भी साझा की इस अवसर पर केंद्रीय अध्यक्ष श्री पदम सिंह थापा ने 18 मेधावी छात्र-छात्राओं को छात्रवृत्ति प्रदान कर उनका उत्साहवर्धन किया। छात्रवृत्ति प्राप्त करने वालों में आदर्श तिमिलसीना, हर्ष थापा, आयुष तिमिलसीना, रितिका रेग्मी, ईशान थापा, जसमीन थापा, सक्षम गुरूंग, प्रशांत थापा, अनिश राना, मानवी शर्मा, युवराज मगर, लक्ष्यराज पंत, कृष्णा थापा, विरेंद्र थापा, शमा थापा, श्रीद्धि शर्मा, अनुशा अधिकारी और सामना थापा शामिल रहे।
कार्यक्रम में समाज की वरिष्ठ महिलाओं ज्योति कला पाठक, भवानी पाठक, छवि देवी तथा चंद्र बहादुर भट्टराई को शॉल ओढ़ाकर सम्मानित किया गया।अपने संबोधन में केंद्रीय अध्यक्ष श्री पदम सिंह थापा ने शाखा अध्यक्षा विमला देवी एवं उनकी टीम के कार्यों की सराहना करते हुए भविष्य में भी इसी प्रकार समाजहित में कार्य करते रहने की अपेक्षा व्यक्त की।अधिवेशन में उपाध्यक्ष शोभा अधिकारी, ज्योति ढकाल, मोनिका गुरूंग सहित बड़ी संख्या में वरिष्ठ नागरिक, मातृशक्ति एवं युवा वर्ग उपस्थित रहे। कार्यक्रम सौहार्दपूर्ण वातावरण में संपन्न हुआ।