11 दिन बाद समाप्त हुआ पर्यावरण मित्रों का धरना, 6 प्रमुख मांगों पर बनी सहमति

नगर निगम देहरादून में पर्यावरण मित्रों और कर्मचारियों की विभिन्न मांगों को लेकर पिछले 11 दिनों से जारी धरना गुरुवार को समाप्त हो गया। शासन और कर्मचारी संगठनों के बीच हुई बातचीत में सात में से छह प्रमुख मांगों पर सहमति बनने के बाद कर्मचारियों ने अपना आंदोलन वापस लेने की घोषणा की।
राष्ट्रीय सफाई कर्मचारी मजदूर यूनियन, नगर विकास कर्मचारी संघ और वाहन चालक संघ के प्रतिनिधियों की मुख्य सचिव नितेश शंकर पाण्डेय तथा आईजी गढ़वाल मंडल राजीव स्वरूप के साथ हुई वार्ता में कर्मचारियों की लंबित मांगों पर विस्तार से चर्चा हुई। वार्ता के दौरान अधिकांश मांगों पर सहमति बनने के बाद आंदोलन का समाधान निकल सका।
सहमति के अनुसार अस्थायी पर्यावरण मित्रों का मानदेय बढ़ाकर ₹800 प्रतिदिन कर दिया गया है तथा जुलाई 2026 का वेतन भी इसी दर से दिया जाएगा। इसके अलावा 29 अप्रैल 2026 के बोर्ड प्रस्ताव के अनुरूप नगर निगम में 715 अस्थायी पर्यावरण मित्रों की भर्ती शीघ्र किए जाने पर सहमति बनी।
बैठक में यह भी निर्णय लिया गया कि सभी अस्थायी पर्यावरण मित्रों को समान कार्य के लिए समान वेतन दिया जाएगा। उनके विनियमितीकरण की प्रक्रिया जल्द शुरू की जाएगी तथा इसके लिए कट-ऑफ वर्ष 2018 के स्थान पर 2024 किया जाएगा। वहीं स्थायी पर्यावरण मित्रों के मृतक आश्रितों से जुड़े मामलों में वर्ष 2015 की सीमा में संशोधन कर मृतक के पद पर नियुक्ति की कार्रवाई करने पर भी सहमति बनी।
यूनियन पदाधिकारियों ने शासन और नगर निगम प्रशासन का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि कर्मचारियों के हितों से जुड़े मुद्दों पर बनी यह सहमति लंबे संघर्ष का महत्वपूर्ण परिणाम है और इससे बड़ी संख्या में पर्यावरण मित्रों को लाभ मिलेगा।
बैठक के दौरान सहायक नगर आयुक्त राजवीर सिंह चौहान, मुख्य नगर स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. आनंद शुक्ला, उप नगर आयुक्त तनवीर सिंह मारवाह, प्रदेश अध्यक्ष चौधरी नरेश वैद्य, अध्यक्ष सुनील कुमार, सतेंद्र कुमार एवं स्वर्ण सिंह पंवार तथा सचिव धीरज भारती और योगेश आनंद सहित अन्य अधिकारी एवं यूनियन प्रतिनिधि उपस्थित रहे।