हरिद्वार में बारिश का कहर: मकान ढहा, सड़क धंसी, कई वाहन फंसे; प्रशासन अलर्ट पर
लगातार मूसलाधार बारिश से हरिद्वार में कई इलाकों में नुकसान, रेलवे स्टेशन के पास चार लोगों का सुरक्षित रेस्क्यू, भूपतवाला में धंसी सड़क से यातायात प्रभावित।

लगातार हो रही भारी बारिश ने हरिद्वार में जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित कर दिया है। गुरुवार को शहर के अलग-अलग हिस्सों में बारिश के कारण मकान ढहने, सड़क धंसने और जलभराव जैसी घटनाएं सामने आईं। राहत की बात यह रही कि सभी प्रभावित लोगों को समय रहते सुरक्षित निकाल लिया गया और किसी प्रकार की जनहानि नहीं हुई।
रेलवे स्टेशन के पास ओवरहेड पानी की टंकी के नजदीक निर्माण कार्य के लिए की गई खुदाई के बाद तेज बारिश से जमीन कमजोर पड़ गई। इसके चलते आसपास के एक मकान में दरारें आ गईं और उसका कुछ हिस्सा ढह गया। घटना के समय चार लोग अंदर फंसे हुए थे। सूचना मिलते ही पुलिस और फायर ब्रिगेड की टीम मौके पर पहुंची और संयुक्त अभियान चलाकर सभी लोगों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया।
उधर, उत्तरी हरिद्वार के भूपतवाला क्षेत्र में सीवर लाइन बिछाने के बाद मरम्मत न होने से सड़क बारिश के पानी में धंस गई। इस दौरान दो दूध से भरे ट्रक और एक एसयूवी बीच सड़क में फंस गए, जिससे काफी देर तक यातायात बाधित रहा। बाद में जेसीबी मशीन की मदद से वाहनों को बाहर निकालकर रास्ता दोबारा चालू कराया गया।
स्थानीय लोगों का कहना है कि सीवर लाइन का काम पूरा होने के बावजूद सड़क की समय पर मरम्मत नहीं की गई, जिसके कारण यह स्थिति बनी। उन्होंने संबंधित एजेंसियों की कार्यप्रणाली की जांच और प्रभावित लोगों को उचित राहत देने की मांग की है।
बारिश के बीच जिलाधिकारी मयूर दीक्षित खुद हालात का जायजा लेने मैदान में उतरे। उन्होंने हरिद्वार, लक्सर, मंगलौर और भगवानपुर सहित कई क्षेत्रों का निरीक्षण किया और अधिकारियों को जलभराव वाले इलाकों में राहत एवं बचाव कार्य तेज करने के निर्देश दिए।
प्रशासन के अनुसार जिले में 150 मिमी से अधिक वर्षा दर्ज की गई है। मनसा देवी और चंडी देवी पहाड़ियों के आसपास भी सतर्कता बढ़ा दी गई है। लोगों से अपील की गई है कि खराब मौसम के दौरान अनावश्यक यात्रा से बचें, प्रशासन की सलाह का पालन करें और सुरक्षित स्थानों पर ही रहें।