कांवड़ मेले के लिए हरिद्वार तैयार, 300 अस्थायी शौचालय और 1000 सफाई कर्मियों की तैनाती
पांच करोड़ श्रद्धालुओं के अनुमान के बीच सफाई, खाद्य सुरक्षा और स्वास्थ्य व्यवस्थाएं मजबूत; मिलावट और ओवररेटिंग पर रहेगी सख्त निगरानी।

30 जुलाई से शुरू होने जा रहे कांवड़ मेले को लेकर हरिद्वार में तैयारियां अंतिम चरण में पहुंच गई हैं। जिला प्रशासन, पुलिस, नगर निगम और खाद्य सुरक्षा विभाग सहित सभी संबंधित एजेंसियों ने श्रद्धालुओं की सुविधा और सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए व्यापक इंतजाम किए हैं। इस वर्ष करीब पांच करोड़ कांवड़ियों के हरिद्वार पहुंचने का अनुमान है।
मेले के दौरान स्वच्छता बनाए रखने के लिए नगर निगम ने कांवड़ मार्ग, प्रमुख पार्किंग स्थलों और गंगा घाटों पर करीब 300 अस्थायी शौचालय स्थापित किए हैं। इसके अलावा 1000 सफाई कर्मियों की तैनाती की गई है, जो चौबीसों घंटे सफाई और कूड़ा उठाने का कार्य करेंगे।
नगर निगम ने इस बार सफाई व्यवस्था को और प्रभावी बनाने के लिए हरकी पैड़ी क्षेत्र में दो आधुनिक सफाई मशीनें भी लगाई हैं। इन मशीनों की मदद से कूड़े का तेजी से निस्तारण किया जाएगा और एकत्रित कचरे को तुरंत निस्तारण प्लांट भेजा जाएगा, ताकि पूरे मेला क्षेत्र में स्वच्छता बनी रहे।

सामान्य दिनों में हरिद्वार शहर से प्रतिदिन करीब 250 टन कूड़ा निकलता है, लेकिन कांवड़ मेले के दौरान श्रद्धालुओं की संख्या बढ़ने से यह मात्रा कई गुना बढ़ जाती है। इसी को देखते हुए नगर निगम ने अतिरिक्त संसाधनों और कर्मचारियों की व्यवस्था की है।
वहीं, खाद्य सुरक्षा विभाग भी मेले के दौरान श्रद्धालुओं को सुरक्षित और शुद्ध भोजन उपलब्ध कराने के लिए लगातार अभियान चला रहा है। विभाग की टीमें कांवड़ यात्रा मार्ग, भंडारों, ढाबों, होटलों और खाद्य प्रतिष्ठानों का नियमित निरीक्षण कर रही हैं।
पिछले 15 दिनों में विभाग ने 40 से अधिक खाद्य पदार्थों के नमूने जांच के लिए प्रयोगशाला भेजे हैं, जबकि खाद्य सुरक्षा नियमों के उल्लंघन के मामलों में सात वाद न्यायालय में दायर किए गए हैं। हाल ही में श्यामपुर क्षेत्र में एक डेयरी पर कार्रवाई करते हुए करीब 50 किलो संदिग्ध पनीर बरामद किया गया, जिसके नमूने जांच के लिए भेजे गए हैं। लाइसेंस संबंधी अनियमितताओं पर भी कार्रवाई की गई।
अधिकारियों का कहना है कि मेले के दौरान खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता, स्वच्छता और निर्धारित मूल्य सूची पर विशेष निगरानी रखी जाएगी। कहीं भी मिलावट या ओवररेटिंग मिलने पर संबंधित लोगों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
नगर आयुक्त नंदन कुमार ने कहा कि मेले में स्वच्छता सर्वोच्च प्राथमिकता है और पूरे आयोजन के दौरान सफाई व्यवस्था लगातार जारी रहेगी। वहीं जिला खाद्य सुरक्षा अधिकारी एम.एन. जोशी ने बताया कि श्रद्धालुओं को सुरक्षित और गुणवत्तापूर्ण भोजन उपलब्ध कराना विभाग की सबसे बड़ी प्राथमिकता है, जिसके लिए निरीक्षण अभियान लगातार जारी रहेगा।