
एशियन गेम्स 2026 में भारतीय बॉक्सिंग के लिए एक और बड़ी खुशखबरी सामने आई है। महिला 65 किलोग्राम वर्ग के फाइनल में भारतीय मुक्केबाज परवीन हुड्डा ने शानदार प्रदर्शन करते हुए स्वर्ण पदक अपने नाम कर लिया। कड़े मुकाबले में उन्होंने चीनी ताइपे की चिन चेन को 3-2 के स्प्लिट डिसीजन से मात दी।
फाइनल मुकाबला शुरुआत से ही बेहद रोमांचक रहा। पहले राउंड में परवीन ने प्रभावी पंच लगाते हुए बढ़त बनाई, लेकिन दूसरे राउंड में उनकी प्रतिद्वंद्वी ने वापसी करते हुए मुकाबला बराबरी पर ला दिया। इसके बाद निर्णायक तीसरे राउंड में दोनों मुक्केबाजों के बीच जोरदार टक्कर देखने को मिली। आखिर में तीन जजों का फैसला परवीन के पक्ष में गया और उन्होंने गोल्ड मेडल पर कब्जा कर लिया।
परवीन के लिए यह उपलब्धि इसलिए भी खास है क्योंकि पिछले एशियन गेम्स से जुड़ा एक विवाद उनके करियर पर बड़ा असर डाल चुका है। ठिकाने की जानकारी से संबंधित नियमों के उल्लंघन के कारण उन पर निलंबन लगाया गया था और हांग्जो एशियन गेम्स में जीता उनका ब्रॉन्ज मेडल भी उनसे वापस ले लिया गया था। उस कार्रवाई का असर उनकी ओलंपिक उम्मीदों पर भी पड़ा था। अब इस स्वर्ण पदक के साथ उन्होंने शानदार वापसी का संदेश दिया है।
परवीन की जीत के साथ ही एशियन गेम्स 2026 में भारत के स्वर्ण पदकों की संख्या 13 पहुंच गई है। भारतीय दल के खाते में अब 13 गोल्ड, 25 सिल्वर और 35 ब्रॉन्ज समेत कुल 73 पदक हो चुके हैं।
बॉक्सिंग में भी भारत का प्रदर्शन शानदार रहा है। परवीन के गोल्ड के साथ भारतीय मुक्केबाजों ने इस प्रतियोगिता में अब तक तीन स्वर्ण और तीन कांस्य पदक हासिल किए हैं।