सौरभ हत्याकांड: 590 दिन बाद मुस्कान और साहिल को मृत्युदंड, 126 तारीखों और 22 गवाहों के बाद आया फैसला

मेरठ। देशभर में चर्चा में रहे नीले ड्रम वाले सौरभ राजपूत हत्याकांड में अदालत ने मुस्कान रस्तोगी और उसके प्रेमी साहिल शुक्ला को मृत्युदंड की सजा सुनाई है। बुधवार, 14 अक्टूबर 2026 को जिला एवं सत्र न्यायाधीश अरविंद कुमार मिश्रा ने दोनों दोषियों को सजा सुनाई। हत्या से लेकर फैसले तक करीब 590 दिनों में मामले की सुनवाई के दौरान 126 तारीखें लगीं और 22 गवाहों के बयान दर्ज किए गए।
54 दिन में दाखिल हुई थी चार्जशीट
पुलिस ने मामले की जांच पूरी करने के बाद 12 मई 2025 को अदालत में करीब एक हजार पन्नों का आरोप-पत्र दाखिल किया था। अभियोजन पक्ष ने सुनवाई के दौरान साक्ष्यों और गवाहों के आधार पर आरोपियों के लिए कड़ी सजा की मांग की। सरकारी अधिवक्ता कृष्ण कुमार चौबे ने दलील दी कि अपराध की गंभीरता को देखते हुए मृत्युदंड से कम सजा देना न्याय के उद्देश्य को कमजोर करेगा। अभियोजन ने अपने पक्ष में सुप्रीम कोर्ट के कई पुराने फैसलों का भी हवाला दिया।
दूसरी ओर, सजा पर बहस के दौरान मुस्कान ने अपनी दोनों बेटियों के भविष्य का उल्लेख करते हुए अदालत से नरमी बरतने की अपील की। बचाव पक्ष ने उसके माता-पिता का भी हवाला दिया। हालांकि, अभियोजन ने अपराध की गंभीरता को प्रमुखता से रखते हुए इस अपील का विरोध किया।
नीले ड्रम में मिला था सौरभ का शव
पुलिस के अनुसार, 3 मार्च 2025 को सौरभ की हत्या की गई थी। आरोप था कि शव को ठिकाने लगाने के लिए नीले ड्रम में सीमेंट भरकर छिपाया गया। इसके बाद 18 मार्च को सौरभ के भाई की शिकायत पर प्राथमिकी दर्ज हुई। अगले दिन पुलिस ने शव बरामद कर दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया।
फैसले के बाद छलके मां के आंसू
सजा सुनाए जाने के दौरान सौरभ की मां रेनू देवी और परिवार के अन्य सदस्य अदालत में मौजूद थे। फैसला सुनते ही परिजन भावुक हो गए। रेनू देवी ने कहा कि उनके बेटे के साथ हुए जघन्य अपराध के लिए मृत्युदंड उचित सजा है।
इस फैसले के साथ बहुचर्चित हत्याकांड में निचली अदालत की सुनवाई का महत्वपूर्ण चरण पूरा हुआ है।