उत्तराखंड

धामी मॉडल की मिसाल: मियावाला के पुराने तालाब से बना आधुनिक पार्क

देहरादून में विकास और पर्यावरण संरक्षण साथ-साथ

धामी मॉडल की मिसाल: मियावाला के पुराने तालाब से बना आधुनिक पार्क
देहरादून में विकास और पर्यावरण संरक्षण साथ-साथ
उत्तराखंड सरकार के नेतृत्व में देहरादून में विकास कार्यों को नई गति मिल रही है। इसी क्रम में मसूरी-देहरादून विकास प्राधिकरण  ने मियावाला क्षेत्र में एक पुराने और उपेक्षित प्राकृतिक तालाब को नया रूप देकर आधुनिक पार्क और सुंदर जलाशय के रूप में विकसित किया है। लगभग 3.30 करोड़ रुपये की लागत से तैयार यह परियोजना अब स्थानीय लोगों के लिए आकर्षण का केंद्र बन गई है।

पुराने तालाब को मिला नया जीवन
मियावाला पंचायत घर गन्ना सेंटर के पास स्थित यह प्राकृतिक तालाब लंबे समय से जर्जर स्थिति में था। अब इसके पुनर्निर्माण और सौंदर्यीकरण के बाद यह स्थान पर्यावरण संरक्षण और जनसुविधा का शानदार उदाहरण बन चुका है। इस पार्क का उद्घाटन रायपुर विधायक उमेश शर्मा काऊ ने किया, जहां बड़ी संख्या में स्थानीय लोग मौजूद रहे।

पार्क में आधुनिक सुविधाओं की व्यवस्था
नए पार्क को लोगों की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए विकसित किया गया है। यहां कई आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं, जैसे:

उत्तराखंड की पारंपरिक पहाड़ी शैली में बना मुख्य प्रवेश द्वार योग डेक और योग थीम पर आधारित मूर्तियां कैन्टीन सुविधा स्वच्छ शौचालय सुरक्षा रेलिंग आकर्षक गज़ीबो वॉकिंग ट्रैक गार्डन बेंच हरियाली से भरे खुले क्षेत्र यह पार्क सुबह-शाम टहलने, योग करने और परिवार के साथ समय बिताने के लिए बेहतरीन स्थान बन गया है।

शहर को मिलेगा हरियाली का नया उपहार
ऐसी परियोजनाएं शहर की सुंदरता बढ़ाने के साथ-साथ पर्यावरण को भी मजबूत करती हैं। तालाबों और जल स्रोतों के संरक्षण से भूजल स्तर बेहतर रहता है, जबकि पार्कों और हरित क्षेत्रों से प्रदूषण कम करने में मदद मिलती है। तेजी से बढ़ते शहरीकरण के बीच इस तरह के प्रयास बेहद जरूरी हैं।

जनप्रतिनिधियों ने की सराहना
विधायक उमेश शर्मा काऊ ने कहा कि यह परियोजना केवल एक पार्क नहीं, बल्कि विकास और पर्यावरण के बीच संतुलन का उत्कृष्ट उदाहरण है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार की योजनाओं को जमीन पर उतारने में MDDA अच्छा कार्य कर रहा है।

मसूरी-देहरादून विकास प्राधिकरण का भविष्य का विजन
प्राधिकरण के अधिकारियों ने बताया कि शहर के अन्य पुराने जल स्रोतों और पार्कों को भी इसी तरह विकसित करने की योजना है। उद्देश्य देहरादून को स्वच्छ, हरित और व्यवस्थित शहर बनाना है।

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