उत्तराखंड में बारिश का कहर: रुद्रप्रयाग में उफनाई अलकनंदा, मसूरी में भूस्खलन से रेस्टोरेंट तबाह
लगातार मूसलाधार बारिश से बाढ़ और लैंडस्लाइड ने बढ़ाई मुश्किलें। केदारनाथ यात्रा प्रभावित, रुद्रप्रयाग में स्कूल बंद, मसूरी-देहरादून मार्ग पर कई जगह मलबा गिरने से यातायात बाधित।

उत्तराखंड में लगातार हो रही मूसलाधार बारिश ने जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित कर दिया है। कई जिलों में बाढ़ और भूस्खलन की घटनाओं ने हालात गंभीर बना दिए हैं। रुद्रप्रयाग में अलकनंदा नदी का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है, जबकि मसूरी में देर रात हुई भारी बारिश ने एक बार फिर तबाही का मंजर खड़ा कर दिया।
रुद्रप्रयाग जिले में अलकनंदा नदी उफान पर है और कई स्थानों पर जलस्तर खतरे के निशान के करीब पहुंच गया है। बेलनी क्षेत्र में स्थापित भगवान शिव की विशाल प्रतिमा भी बढ़ते जलस्तर के कारण पानी में डूब गई है। नदी का पानी अब आबादी वाले इलाकों की ओर बढ़ने लगा है, जिससे स्थानीय लोगों की चिंता बढ़ गई है। प्रशासन ने लोगों से नदी किनारे न जाने और पूरी सतर्कता बरतने की अपील की है।
लगातार बारिश को देखते हुए एहतियात के तौर पर रुद्रप्रयाग जिले के सभी स्कूलों में अवकाश घोषित कर दिया गया है, ताकि बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।

वहीं, केदारनाथ राष्ट्रीय राजमार्ग पर कई जगह भूस्खलन हुआ है। काकड़ा के पास पहाड़ी से बड़ी चट्टान हाईवे पर गिरने से मार्ग बाधित हो गया। खराब मौसम और लगातार हो रहे भूस्खलन के चलते केदारनाथ यात्रा भी अस्थायी रूप से प्रभावित हुई है। प्रशासन, पुलिस, एसडीआरएफ और अन्य एजेंसियां स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए हैं। यात्रियों से केवल आधिकारिक मौसम और यात्रा संबंधी अपडेट के आधार पर ही यात्रा करने की अपील की गई है।
उधर, मसूरी में देर रात हुई तेज बारिश के कारण पानी वाले बैंड के पास पहाड़ी से भारी मात्रा में मलबा और बोल्डर गिर गए। इसकी चपेट में आकर सड़क किनारे बना एक रेस्टोरेंट पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया। राहत की बात यह रही कि रेस्टोरेंट में मौजूद सभी लोग समय रहते बाहर निकल आए, जिससे कोई जनहानि नहीं हुई।
स्थानीय लोगों के अनुसार, यही रेस्टोरेंट वर्ष 2025 की आपदा में भी नष्ट हो गया था। काफी आर्थिक नुकसान झेलने के बाद इसे दोबारा बनाया गया था, लेकिन इस बार फिर प्रकृति के कहर ने उसे तबाह कर दिया।
