लोकसभा में वोटिंग के बाद परिसीमन और महिला आरक्षण से जुड़े बिल पेश, बहस जारी
संसद के विस्तारित बजट सत्र का तीन दिनों का विशेष अधिवेशन आज से शुरू हो रहा है।

संसद के विस्तारित बजट सत्र का तीन दिनों का विशेष अधिवेशन आज से शुरू हो रहा है. इस विशेष सत्र में नारी शक्ति वंदन अधिनियम में संशोधन पर फोकस किया जाएगा. सरकार प्रस्तावित संविधान (131वां संशोधन) विधेयक, 2026 पेश करने की तैयारी में है. इसके तहत लोकसभा सीटों की संख्या बढ़ाकर 850 की जाएगी और 2026 से पहले की जनगणना के आधार पर परिसीमन की अनुमति दी जाएगी. संसद में 16 से 18 अप्रैल तक होने वाले विशेष सत्र में एक बड़ा टकराव होने की संभावना है. इसका मुख्य मुद्दा परिसीमन है. इसके बारे में विपक्ष का तर्क है कि इससे दक्षिणी राज्यों का प्रतिनिधित्व कम हो जाएगा, जबकि उत्तरी राज्यों को इसका फायदा मिलेगा. संविधान (131वां संशोधन) विधेयक, 2026 में लोकसभा के विस्तार का प्रस्ताव है और इसके तहत अनुच्छेद 81 और 82 में संशोधन किया जाएगा. लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने परिसीमन की इस प्रक्रिया को सत्ताधारी पार्टी की एक ‘खतरनाक योजना’ बताया. विपक्षी पार्टियों की चिंताओं का जवाब देते हुए केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बुधवार को साफ किया कि परिसीमन आयोग हर राजनीतिक पार्टी से सलाह-मशविरा करेगा. विपक्ष ने साफ किया कि वह महिला आरक्षण के खिलाफ नहीं है और उसने सरकार से ‘नारी शक्ति वंदन अधिनियम, 2023’ को लागू करने की अपील की, लेकिन उसने परिसीमन प्रक्रिया पर आपत्ति जताई. विपक्ष का मानना है कि इस प्रक्रिया से लोकसभा में दक्षिणी और पूर्वोत्तर राज्यों का प्रतिनिधित्व कमजोर होगा.