उत्तराखंडदेहरादून

अंकिता भंडारी हत्याकांड: न्याय की मांग को लेकर आज जंतर-मंतर पर हुंकार भरेंगे विभिन्न संगठन, कांग्रेस भी देगी समर्थन.

नई दिल्ली/देहरादून: उत्तराखंड के बहुचर्चित अंकिता भंडारी हत्याकांड में न्याय की लौ एक बार फिर राजधानी दिल्ली में प्रज्वलित होने जा रही है। मामले में कथित ‘वीआईपी’ (VIP) के नाम के खुलासे और उसकी गिरफ्तारी की मांग को लेकर आज, रविवार 26 अप्रैल को विभिन्न सामाजिक संगठन और राजनीतिक दल दिल्ली के ऐतिहासिक जंतर-मंतर पर विशाल प्रदर्शन करेंगे। इस आंदोलन को कांग्रेस पार्टी ने भी अपना पूर्ण समर्थन दिया है।

जंतर-मंतर पर जुटेगा ‘संयुक्त संघर्ष मंच’

​’अंकिता न्याय यात्रा संयुक्त संघर्ष मंच’ के बैनर तले आयोजित इस प्रदर्शन के माध्यम से केंद्र सरकार तक उत्तराखंड की जनता की आवाज पहुँचाने की तैयारी है। मंच की वरिष्ठ सदस्य कमला पंत ने बताया कि 19 वर्षीय अंकिता की हत्या के दोषियों को आजीवन कारावास तो मिल गया है, लेकिन उस ‘वीआईपी’ का चेहरा अभी भी बेनकाब होना बाकी है, जिसके लिए अंकिता पर अनैतिक दबाव बनाया जा रहा था।

​”उत्तराखंड की जनता लंबे समय से सिटिंग जज की निगरानी में सीबीआई जांच की मांग कर रही थी। जन दबाव में जांच सीबीआई को तो सौंपी गई, लेकिन आज भी उस रसूखदार वीआईपी पर कार्रवाई नहीं हुई है जिसे सरकार बचाने का प्रयास कर रही है।”

— कमला पंत, सदस्य, संयुक्त संघर्ष मंच

​मुख्य मांगें और घटनाक्रम

​प्रदर्शनकारियों की मुख्य मांगें निम्नलिखित हैं:

​वीआईपी की तत्काल गिरफ्तारी: ऑडियो वार्ता में सामने आए कथित वीआईपी के नाम पर त्वरित कानूनी कार्रवाई।

​निष्पक्ष जांच: जांच प्रक्रिया में किसी भी राजनीतिक हस्तक्षेप को समाप्त करना।

​प्रधानमंत्री को ज्ञापन: प्रदर्शन के पश्चात प्रधानमंत्री और गृहमंत्री को एक विस्तृत ज्ञापन सौंपा जाएगा।

​कांग्रेस का ‘सत्याग्रह’ और विपक्षी एकजुटता

​इस मामले को लेकर कांग्रेस पार्टी ने भी कड़ा रुख अख्तियार किया है। उत्तराखंड कांग्रेस के उपाध्यक्ष धीरेंद्र प्रताप ने घोषणा की है कि पार्टी इस मुद्दे पर दिल्ली में ‘सत्याग्रह’ करेगी।

​प्रदर्शन में शामिल होने वाले प्रमुख चेहरे:

​कमला पंत (सामाजिक कार्यकर्ता)

​धीरेंद्र प्रताप (उपाध्यक्ष, उत्तराखंड कांग्रेस)

​उमाकांत लखेड़ा (पूर्व अध्यक्ष, प्रेस क्लब ऑफ इंडिया)

​हरिपाल रावत (पूर्व सचिव, कांग्रेस)

​अनिल पंत और मनमोहन सिंह (वंचित आंदोलनकारी समिति)

​आक्रोश की पृष्ठभूमि

​ज्ञात हो कि साल 2022 में ऋषिकेश के एक रिसॉर्ट में काम करने वाली अंकिता भंडारी की संदिग्ध परिस्थितियों में हत्या कर दी गई थी। हाल ही में भाजपा के एक पूर्व विधायक की कथित पत्नी का एक ऑडियो वायरल होने के बाद यह मामला फिर गरमा गया है, जिसमें कथित तौर पर उस ‘वीआईपी’ के नाम का जिक्र है।

​आज सुबह 10 बजे से शुरू होने वाले इस प्रदर्शन के चलते जंतर-मंतर पर सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है। संगठनों का कहना है कि जब तक अंकिता को पूर्ण न्याय नहीं मिल जाता और पर्दे के पीछे छिपे असली गुनहगार जेल नहीं जाते, यह लड़ाई जारी रहेगी।

 

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