जिला बदर के 10 दिन बाद ही घर लौटा आरोपी, पुलिस ने दबोचकर भेजा जेल
छह माह के लिए अल्मोड़ा से निष्कासित किया गया था अजीम अंसारी, बिना अनुमति जिले में प्रवेश करने पर गुंडा नियंत्रण अधिनियम के तहत हुई कार्रवाई

अल्मोड़ा में जिला बदर किए गए एक आरोपी को न्यायालय के आदेश का उल्लंघन करते हुए दोबारा जिले में प्रवेश करना महंगा पड़ गया। पुलिस ने उसे उसके घर से गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया, जहां से उसे न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया।
पुलिस के अनुसार, धारानौला चौकी प्रभारी आनंद बल्लभ कश्मीरा को सूचना मिली थी कि नियाजगंज निवासी अजीम अंसारी, जिसे हाल ही में छह माह के लिए अल्मोड़ा जिले से बाहर किया गया था, चोरी-छिपे मल्ला दन्या राजपुरा स्थित अपने घर में रह रहा है। सूचना मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंची।
जब पुलिस घर पहुंची तो बाहर से दरवाजा बंद था, लेकिन अंदर से आवाजें सुनाई दे रही थीं। चौकी प्रभारी आरोपी को पहले से पहचानते थे, इसलिए सतर्कता के साथ टीम घर के भीतर पहुंची। इसी दौरान अजीम अंसारी नहाकर कमरे से बाहर निकला, जहां पुलिस ने उसे मौके पर ही गिरफ्तार कर लिया।
जांच में पता चला कि अजीम अंसारी को 17 जुलाई को न्यायालय के आदेश पर उत्तर प्रदेश गुंडा नियंत्रण अधिनियम, 1970 की धारा 2/3 के तहत छह माह के लिए अल्मोड़ा जिले की सीमा से बाहर किया गया था। पुलिस उसे क्वारव पुल के आगे नैनीताल जिले की सीमा तक छोड़कर आई थी। इसके बावजूद उसने बिना किसी सक्षम अधिकारी की अनुमति या सूचना के दोबारा जिले में प्रवेश कर आदेश का उल्लंघन किया।
इस मामले में कोतवाली पुलिस ने आरोपी के खिलाफ उत्तर प्रदेश गुंडा नियंत्रण अधिनियम की धारा 3/10 के तहत मुकदमा दर्ज कर उसे गिरफ्तार किया। न्यायालय में पेशी के बाद उसे न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया।
पुलिस का कहना है कि न्यायालय के आदेशों की अवहेलना करने और कानून-व्यवस्था को चुनौती देने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी रहेगी। साथ ही जिला बदर किए गए व्यक्तियों की गतिविधियों पर लगातार निगरानी रखी जा रही है, ताकि जिले में शांति और कानून व्यवस्था बनी रहे।