उत्तराखंड

भकुंट भैरवनाथ मंदिर के कपाट खुले, केदारनाथ धाम में गूंजेंगी नित्य आरतियां

धार्मिक मान्यता के अनुसार भैरवनाथ को केदारनाथ का रक्षक माना जाता है, कपाट खुलने के साथ ही पूजा-अर्चना का क्रम हुआ शुरू

विश्व प्रसिद्ध केदारनाथ धाम में कपाट खुलने के बाद पहला शनिवार खास रहा, जब धाम स्थित भकुंट भैरवनाथ मंदिर के द्वार भी विधि-विधान के साथ श्रद्धालुओं के लिए खोल दिए गए। इस मौके पर बड़ी संख्या में पहुंचे श्रद्धालुओं ने जयकारों के बीच दर्शन किए और खुद को इस पावन वातावरण में जुड़ा हुआ महसूस किया।
दोपहर के समय मंदिर परिसर में पारंपरिक रीति-रिवाजों के अनुसार हवन, यज्ञ और पूजा-अर्चना संपन्न हुई। मंदिर के पुजारी और बदरी-केदार मंदिर समिति के पदाधिकारियों की मौजूदगी में पूरे अनुष्ठान को विधिवत पूरा किया गया। इसके बाद जैसे ही कपाट खुले, श्रद्धालुओं की आस्था उमड़ पड़ी।


इस अवसर पर मंदिर समिति के अध्यक्ष हेमंत द्विवेदी ने देश-विदेश से आए तीर्थयात्रियों को शुभकामनाएं दीं। उन्होंने बताया कि भैरवनाथ मंदिर के कपाट खुलने के साथ ही अब केदारनाथ धाम में भगवान की नित्य पूजा और आरती का क्रम नियमित रूप से शुरू हो जाएगा।
मान्यता है कि भकुंट भैरवनाथ को केदारनाथ धाम का रक्षक देवता माना जाता है। शीतकाल में जब मुख्य मंदिर के कपाट बंद रहते हैं, तब पूरे क्षेत्र की रक्षा का दायित्व उन्हीं पर होता है। यही वजह है कि केदारनाथ यात्रा के दौरान श्रद्धालु भैरवनाथ मंदिर के दर्शन को विशेष महत्व देते हैं।
कपाट खुलने के इस अवसर पर प्रशासन और मंदिर समिति के कई अधिकारी मौजूद रहे। इस वर्ष यात्रा को सुरक्षित और सुचारू बनाने के लिए व्यापक तैयारियां की गई हैं, जिसका असर श्रद्धालुओं के उत्साह में साफ तौर पर देखने को मिल रहा है।

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