उत्तराखंड में मानसून का असर गहराया, 72 सड़कें बंद; कई जिलों में जनजीवन प्रभावित
लगातार बारिश से भूस्खलन बढ़ा, बिजली-पानी की सेवाएं भी प्रभावित; प्रशासन ने लोगों से सतर्क रहने और अनावश्यक यात्रा से बचने की अपील की

उत्तराखंड में मानसून पूरी तरह सक्रिय है और लगातार हो रही बारिश का असर अब सड़क संपर्क, बिजली, पेयजल और जनजीवन पर साफ दिखाई देने लगा है। राज्य आपदा प्रबंधन विभाग की शनिवार सुबह जारी रिपोर्ट के अनुसार प्रदेश में कुल 72 सड़कें बंद हैं, जिनमें राज्य राजमार्ग, जिला मार्ग, बीआरओ मार्ग, लोक निर्माण विभाग की सड़कें और ग्रामीण संपर्क मार्ग शामिल हैं।
सबसे अधिक 14 सड़कें पिथौरागढ़ जिले में बंद हैं। इसके अलावा चमोली में 11, रुद्रप्रयाग और उत्तरकाशी में 10-10, बागेश्वर में 8, देहरादून में 7, टिहरी में 6, पौड़ी में 3, अल्मोड़ा में 2 और नैनीताल में 1 सड़क पर यातायात बाधित है। बंद मार्गों को खोलने के लिए संबंधित विभागों की टीमें और मशीनें लगातार काम कर रही हैं, लेकिन लगातार हो रही बारिश राहत कार्यों में चुनौती बनी हुई है।
पर्वतीय जिलों में कई स्थानों पर अच्छी बारिश दर्ज की गई है। उत्तरकाशी, रुद्रप्रयाग, पिथौरागढ़, पौड़ी, बागेश्वर, अल्मोड़ा और देहरादून के विभिन्न इलाकों में लगातार वर्षा के कारण पहाड़ियों से मलबा और बोल्डर गिरने की घटनाएं बढ़ गई हैं, जिससे सड़कें बार-बार बाधित हो रही हैं।
बारिश के चलते कई राष्ट्रीय राजमार्ग भी प्रभावित हुए। रुद्रप्रयाग में ऋषिकेश-केदारनाथ राष्ट्रीय राजमार्ग और उत्तरकाशी में ऋषिकेश-यमुनोत्री राष्ट्रीय राजमार्ग पर भूस्खलन के कारण कुछ समय के लिए यातायात रुका, हालांकि प्रशासन ने समय रहते मार्गों को फिर से खोल दिया। इसके बावजूद कई ग्रामीण सड़कें अब भी बंद हैं, जिससे स्थानीय लोगों को लंबा वैकल्पिक रास्ता अपनाना पड़ रहा है।
लगातार बारिश का असर बिजली और पेयजल सेवाओं पर भी पड़ा है। चमोली के जोशीमठ क्षेत्र और उत्तरकाशी के मोरी इलाके में तकनीकी खराबी के कारण कई गांवों में बिजली आपूर्ति बाधित है, जबकि रुद्रप्रयाग के जखोली क्षेत्र में पेयजल लाइन क्षतिग्रस्त होने से दो गांवों में जलापूर्ति प्रभावित हुई है। संबंधित विभाग मरम्मत कार्य में जुटे हैं।
बीते 24 घंटे के दौरान राज्य में कुछ अन्य घटनाएं भी सामने आईं। ऊधमसिंह नगर में नदी में डूबने से एक व्यक्ति की मौत हो गई, जबकि बागेश्वर में सरयू नदी में बहे एक आठ वर्षीय बच्चे का शव बरामद किया गया। रुद्रप्रयाग में एक श्रद्धालु की तबीयत बिगड़ने पर उसे हेलीकॉप्टर से देहरादून लाया गया। वहीं, एक सड़क हादसे में तीन लोग घायल हुए और देहरादून में एक धार्मिक कार्यक्रम के दौरान शॉर्ट सर्किट से आग लगने की घटना भी हुई।
हालांकि लगातार बारिश के बावजूद प्रदेश की प्रमुख नदियों का जलस्तर फिलहाल खतरे के निशान से नीचे बना हुआ है। प्रशासन सभी प्रमुख नदियों की निगरानी कर रहा है। मौसम विभाग ने अगले कुछ दिनों तक बारिश जारी रहने की संभावना जताई है। इसे देखते हुए जिला प्रशासन और आपदा प्रबंधन विभाग ने लोगों से अनावश्यक यात्रा से बचने, पहाड़ी क्षेत्रों में अतिरिक्त सावधानी बरतने और मौसम संबंधी चेतावनियों का पालन करने की अपील की है।