
देहरादून: उत्तराखंड में आगामी चुनावी रणनीति को लेकर भाजपा ने अपनी तैयारियां तेज कर दी हैं। पार्टी ने राज्य की चार ऐसी सीटों पर विशेष रणनीति के तहत कोर कमेटी के सदस्यों को जिम्मेदारी सौंपी है, जहां अब तक भाजपा को लगातार चुनौती का सामना करना पड़ा है।
भाजपा ने चकराता, पिरान कलियर, मंगलौर और धारचूला सीटों के लिए सूक्ष्म प्रबंधन की रणनीति तैयार की है। इसके साथ ही यमुनोत्री, भगवानपुर समेत अन्य कमजोर मानी जाने वाली सीटों पर भी पार्टी जीत की संभावनाएं मजबूत करने में जुटी है।
उत्तराखंड के 26 साल के राजनीतिक इतिहास में कांग्रेस के 10 वर्षों के शासन को छोड़ दें तो भाजपा ने करीब 16 साल सत्ता संभाली है। लगातार दूसरी बार सरकार बनाने वाली भाजपा के लिए राज्य की कुछ सीटें अभी भी बड़ी चुनौती बनी हुई हैं, जहां पार्टी अपनी पकड़ मजबूत नहीं कर पाई है।
इस बार भाजपा ने चुनाव से पहले ही इन सीटों पर विशेष फोकस शुरू कर दिया है। संगठन स्तर पर जिम्मेदारियां तय कर क्षेत्रीय समीकरणों, जनसंपर्क और बूथ स्तर की रणनीति पर काम किया जा रहा है।