उत्तराखंडदेहरादून

बीकेटीसी अध्यक्ष हेमंत द्विवेदी 11 मई से करेंगे बदरीनाथ-केदारनाथ धाम का निरीक्षण दौरा

देहरादून।  श्री बदरीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति (बीकेटीसी) के अध्यक्ष हेमंत द्विवेदी 11 मई से श्री बदरीनाथ और केदारनाथ धाम की यात्रा पर रहेंगे। इस आध्यात्मिक भ्रमण के दौरान वे मंदिरों में पूजा-अर्चना करेंगे और तीर्थयात्रियों के लिए की गई व्यवस्थाओं एवं बीकेटीसी द्वारा संचालित विश्राम गृहों की स्थिति का निरीक्षण करेंगे।

 

निरीक्षण यात्रा का विस्तृत कार्यक्रम इस प्रकार है:

11 मई (रविवार): यात्रा की शुरुआत ऋषिकेश से होगी, जहाँ द्विवेदी मंदिर समिति के चंद्रभागा रोड और रेलवे रोड स्थित विश्राम गृहों का निरीक्षण करेंगे। इसके पश्चात वे देवप्रयाग, श्रीनगर के डालमिया यात्री गृह, कलियासौड़-धारी देवी और रुद्रप्रयाग में बीकेटीसी के विश्राम गृहों की व्यवस्था देखेंगे। रात का विश्राम उखीमठ के लोक निर्माण विभाग गेस्ट हाउस में होगा।

 

12 मई (सोमवार): दिन की शुरुआत श्री ओंकारेश्वर मंदिर, उखीमठ में पूजा-अर्चना से होगी। इसके बाद कोठा भवन में चल रहे जीर्णोद्धार कार्य का निरीक्षण किया जाएगा। उसी दिन गुप्तकाशी स्थित विश्वनाथ मंदिर में दर्शन और विश्राम गृह का जायजा लेने के बाद, द्विवेदी श्री केदारनाथ धाम रवाना होंगे। वहाँ यात्रा व्यवस्थाओं और निर्माण कार्यों की समीक्षा के साथ रात्रि विश्राम करेंगे।

13 मई (मंगलवार): केदारनाथ से लौटकर बीकेटीसी अध्यक्ष गुप्तकाशी और कालीमठ के काली माई मंदिर में दर्शन करेंगे। रात का विश्राम गोपेश्वर में होगा।

14 मई (बुधवार): चमोली, पीपलकोटी और ज्योर्तिमठ के विश्राम गृहों का निरीक्षण होगा। श्री नृसिंह मंदिर, ज्योर्तिमठ में दर्शन के बाद वे बदरीनाथ धाम पहुंचेंगे और शाम की आरती में भाग लेंगे।

15 मई (गुरुवार): प्रातः भगवान बदरीविशाल की महाभिषेक पूजा में भाग लेने के बाद, द्विवेदी बदरीनाथ धाम की व्यवस्थाओं और निर्माण कार्यों का निरीक्षण करेंगे। इसी दिन वे देहरादून लौटेंगे।

इस निरीक्षण दौरे में उनके साथ मुख्य कार्याधिकारी विजय प्रसाद थपलियाल, अधिशासी अभियंता अनिल ध्यानी, निजी सचिव अजय जी और प्रमोद नौटियाल, एवं मीडिया प्रभारी डॉ. हरीश गौड़ उपस्थित रहेंगे।

इस यात्रा का उद्देश्य न केवल धार्मिक दृष्टिकोण से महत्वपूर्ण है, बल्कि तीर्थयात्रियों की सुविधा और यात्रा मार्गों की गुणवत्ता सुनिश्चित करना भी इसका मुख्य उद्देश्य है।

 

 

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button
error: Content is protected !!