देहरादून: 16 करोड़ का नया पुल 16 दिन बाद फिर विवादों में, एप्रोच रोड धंसने से यातायात बंद
भारी बारिश के बाद पुल के पास सड़क धंसने से आवाजाही रोकी गई। पुलिस ने पुल को सुरक्षित बताया, जबकि स्थानीय लोग निर्माण कार्य की गुणवत्ता पर सवाल उठा रहे हैं।

देहरादून के प्रेमनगर क्षेत्र में नंदा की चौकी के पास स्थित टौंस नदी के पुनर्निर्मित पुल के पास भारी बारिश के बाद सड़क धंसने से एक बार फिर निर्माण कार्य की गुणवत्ता पर सवाल उठने लगे हैं। करीब 16 करोड़ रुपये की लागत से तैयार किए गए इस पुल पर महज 16 दिन पहले ही यातायात शुरू हुआ था, लेकिन बारिश के बाद पुल के पास बड़ा धंसाव होने से प्रशासन ने एहतियात के तौर पर वाहनों की आवाजाही रोक दी।
स्थानीय लोगों का कहना है कि पुल के ऊपर बड़ा गड्ढा बन गया है, जिससे हादसे की आशंका बढ़ गई है। हालांकि पुलिस ने स्पष्ट किया है कि मुख्य पुल पूरी तरह सुरक्षित है और नुकसान पुल से जुड़ी एप्रोच रोड को हुआ है। अधिकारियों के अनुसार लगातार हुई बारिश के कारण एप्रोच रोड के नीचे की मिट्टी बह गई, जिससे सड़क धंस गई।
यह पुल पिछले वर्ष मानसून के दौरान क्षतिग्रस्त होने के बाद दोबारा बनाया गया था। इसके निर्माण पर लगभग 16 करोड़ रुपये खर्च किए गए और 12 जुलाई से इस पर यातायात शुरू कराया गया था। लेकिन पहली ही भारी बारिश के बाद एप्रोच रोड के धंसने से निर्माण की गुणवत्ता को लेकर सवाल उठने लगे हैं।
इससे पहले 11 जुलाई की रात टौंस नदी के तेज बहाव में ह्यूम पाइप डालकर बनाई गई अस्थायी पुलिया भी बह गई थी। इसके बाद लोगों की आवाजाही बहाल करने के लिए लोक निर्माण विभाग (PWD) ने तेजी से काम करते हुए मुख्य पुल को तैयार किया और यातायात शुरू कराया था।
घटना की सूचना मिलते ही पुलिस और प्रशासन की टीमें मौके पर पहुंचीं और स्थिति का जायजा लिया। फिलहाल क्षतिग्रस्त हिस्से की मरम्मत का काम शुरू कर दिया गया है और सुरक्षा के मद्देनजर मार्ग को अस्थायी रूप से बंद रखा गया है।
प्रेमनगर कोतवाली के मीडिया सेल के अनुसार, सोमवार सुबह पुलिया के क्षतिग्रस्त होने की सूचना मिलने पर पुलिस तुरंत मौके पर पहुंची। जांच में पाया गया कि मुख्य पुल पूरी तरह सुरक्षित है। भारी बारिश के कारण पुल के पास बनी एप्रोच रोड के नीचे से मिट्टी बह गई, जिससे सड़क का हिस्सा क्षतिग्रस्त हो गया। संबंधित विभाग द्वारा मरम्मत का कार्य तेजी से किया जा रहा है और जल्द ही मार्ग को फिर से यातायात के लिए खोल दिया जाएगा।