
उत्तराखंड विधानसभा में मंगलवार को महिला आरक्षण और लोकतंत्र में महिलाओं की भागीदारी जैसे अहम मुद्दों पर चर्चा के लिए एक दिवसीय विशेष सत्र आयोजित किया गया। सत्र की शुरुआत में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने राज्य और देश की महिलाओं को आश्वस्त करते हुए कहा कि उन्हें उनका अधिकार अवश्य मिलेगा और आधी आबादी को पूरा हक दिलाने के लिए सरकार प्रतिबद्ध है।
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मुख्यमंत्री ने कहा कि महिला सशक्तिकरण विकसित भारत की नींव है और मातृशक्ति की भागीदारी के बिना समग्र विकास संभव नहीं है। उन्होंने यह भी दोहराया कि महिलाओं को राजनीतिक, सामाजिक और आर्थिक क्षेत्रों में समान अवसर दिलाने के लिए सरकार हरसंभव प्रयास करेगी।
हालांकि, विधानसभा के भीतर चर्चा शुरू होने से पहले ही बाहर राजनीतिक माहौल गरमा गया। वीरेन्द्र जाती के नेतृत्व में कांग्रेस ने किसानों के मुद्दे को लेकर जोरदार विरोध प्रदर्शन किया। झबरेड़ा से विधायक वीरेन्द्र जाती गन्ने से लदी ट्रॉली लेकर विधानसभा गेट पहुंचे और प्रतीकात्मक विरोध के तौर पर ट्रॉली को वहीं पलट दिया।
ट्रॉली पलटने से सड़क पर गन्ना फैल गया, जिससे कुछ देर के लिए अफरा-तफरी का माहौल बन गया। मौके पर मौजूद पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों ने तुरंत स्थिति को नियंत्रित किया और यातायात को सुचारू कराया।
कांग्रेस विधायक ने इस दौरान किसानों के बकाया भुगतान का मुद्दा उठाते हुए सरकार पर आरोप लगाया कि गन्ना किसानों का भुगतान लंबे समय से लंबित है, जिससे वे आर्थिक संकट से जूझ रहे हैं। उन्होंने कहा कि जब तक किसानों का बकाया नहीं चुकाया जाता, तब तक उनका संघर्ष जारी रहेगा।
एक ओर जहां विधानसभा के भीतर महिला आरक्षण जैसे महत्वपूर्ण विषय पर चर्चा हो रही थी, वहीं बाहर किसानों की समस्याओं को लेकर विरोध प्रदर्शन ने राजनीतिक माहौल को और गर्मा दिया। अब देखना होगा कि इस विशेष सत्र में महिला आरक्षण और किसानों से जुड़े मुद्दों पर क्या ठोस निष्कर्ष निकलता है।