एम्स किच्छा में नौकरी के नाम पर फर्जी भर्ती रैकेट का पर्दाफाश, ऋषिकेश परिसर के भीतर से चल रहा था ठगी का खेल
लाखों रुपये हड़पने वाले 5 आरोपी गिरफ्तार; एम्स प्रशासन ने जारी की एडवाइजरी, बिचौलियों से सावधान रहने की अपील

देहरादून: ऋषिकेश एम्स के अंतर्गत निर्माणाधीन एम्स सैटेलाइट सेंटर, किच्छा में नौकरी दिलाने के नाम पर बेरोजगार युवाओं से लाखों रुपये की ठगी करने वाले एक बड़े गिरोह का पर्दाफाश हुआ है। जांच में सबसे चौंकाने वाला खुलासा यह हुआ है कि फर्जी नियुक्ति का यह पूरा गोरखधंधा किसी बाहरी स्थान से नहीं, बल्कि एम्स ऋषिकेश परिसर के भीतर से ही संचालित किया जा रहा था।
मामले की गंभीरता को देखते हुए एम्स के प्रशासनिक अधिकारी विक्रम सिंह की तहरीर पर ऋषिकेश कोतवाली में मुकदमा दर्ज किया गया। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए इस मामले में शामिल पांचों आरोपियों—सुब्रत बछाड़, दीपांशु मंडल, गणेश, दीपक गुसाईं और दीपना मंडल को गिरफ्तार कर लिया है।
पुलिस पड़ताल के अनुसार, यह गिरोह युवाओं को एम्स किच्छा सेंटर में स्थायी व आउटसोर्स नौकरी दिलाने का झांसा देकर लाखों रुपये ऐंठ रहा था। एम्स परिसर के भीतर से गतिविधियों का संचालन होने के कारण बेरोजगार युवा आसानी से इनके झांसे में आ जाते थे।
मामले पर कड़ा रुख अपनाते हुए एम्स प्रशासन ने आम जनता और नौकरी की तलाश कर रहे युवाओं के लिए अलर्ट जारी किया है। प्रशासन ने स्पष्ट किया कि एम्स ऋषिकेश और किच्छा सेंटर में सभी नियुक्तियां पूरी तरह से पारदर्शी प्रक्रिया और केवल योग्यता के आधार पर की जाती हैं। किसी भी बिचौलिए, आउटसोर्स मैनेजर या फर्जी एजेंसी के झांसे में न आएं और नौकरी के नाम पर किसी को भी पैसों का भुगतान न करें।