DehradunUttrakhand

मैदानी इलाकों में सोलर सिंचाई से किसानों की लागत 95% तक घटी, पर बढ़ा भूजल दोहन का संकट

हरिद्वार और उधम सिंह नगर पर हुए अध्ययन में खुलासा: खेती की लागत घटी और कार्बन उत्सर्जन कम हुआ, लेकिन सालाना गिरता जलस्तर चिंता का विषय

देहरादून: उत्तराखंड के मैदानी जिलों में कृषि सिंचाई के लिए अपनाई जा रही सौर ऊर्जा प्रणाली किसानों के लिए बेहद किफायती साबित हो रही है, लेकिन इसके साथ ही क्षेत्र में भूजल के अत्यधिक दोहन का खतरा भी मंडराने लगा है। कृषि शोधकर्ताओं और केंद्रीय भूजल बोर्ड के संयुक्त अध्ययन में यह निष्कर्ष सामने आया है।

उधम सिंह नगर और हरिद्वार जिलों के धान आधारित फसल चक्र पर किए गए अध्ययन के अनुसार, सोलर पंपों के उपयोग से सिंचाई का सालाना खर्च ग्रिड बिजली की तुलना में लगभग 95 प्रतिशत और डीजल पंपों के मुकाबले करीब 98 प्रतिशत तक कम हो गया है। जहां डीजल पंप से प्रति हेक्टेयर सालाना खर्च 39,900 रुपये और बिजली से 16,300 रुपये आता था, वहीं सोलर पंप से यह लागत घटकर मात्र 800 रुपये रह गई है। इसके चलते किसानों की शुद्ध कृषि आय में 25 से 40 प्रतिशत तक की बढ़ोतरी दर्ज की गई है।

पर्यावरण के दृष्टिकोण से भी सोलर पंपों के कारण पारंपरिक ऊर्जा पर निर्भरता घटी है और कार्बन डाइऑक्साइड उत्सर्जन में भारी गिरावट आई है। साथ ही, फसल चक्र में बदलाव (जैसे धान के बाद दलहन और सब्जियों की खेती) को अपनाने से पानी की खपत में करीब 41 प्रतिशत तक की कमी देखी गई है।

हालांकि, इस तकनीकी सुविधा का एक दूसरा पहलू भी सामने आया है। लगभग मुफ्त ऊर्जा मिलने के कारण नलकूपों के अनियंत्रित संचालन से भूजल का दोहन बढ़ गया है। रिपोर्ट के मुताबिक, अध्ययन क्षेत्र में भूजल स्तर में औसतन 0.61 मीटर प्रति वर्ष की गिरावट दर्ज की गई है, जबकि कुछ स्थलों पर यह गिरावट 1 मीटर प्रति वर्ष से भी अधिक पाई गई है।

विशेषज्ञों और अधिकारियों का मानना है कि केवल सिंचाई प्रणालियों को सौर ऊर्जा पर स्थानांतरित करना ही पर्याप्त नहीं है। गिरते जलस्तर पर लगाम लगाने के लिए किसानों को कम पानी वाली फसलों को अपनाने, सूक्ष्म सिंचाई (ड्रिप व स्प्रिंकलर) तकनीकों का उपयोग करने और भूजल पुनर्भरण (ग्राउंडवाटर रिचार्जing) पर विशेष ध्यान देने की तत्काल आवश्यकता है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button
error: Content is protected !!