
कोटद्वार, 28 अप्रैल 2026: उत्तराखंड के प्रसिद्ध पर्यटन स्थल लैंसडौन का नाम बदलने के प्रस्ताव के खिलाफ मंगलवार को व्यापक विरोध देखने को मिला। सुबह से ही बाजार पूरी तरह बंद रहे और स्थानीय लोगों, व्यापारियों व विभिन्न संगठनों ने सड़कों पर उतरकर प्रदर्शन किया।

बाजार बंद, जुलूस निकालकर जताया विरोध
व्यापार मंडल, होटल एसोसिएशन और नागरिक मंच के आह्वान पर सभी व्यापारिक प्रतिष्ठान बंद रखे गए। प्रदर्शनकारियों ने गांधी चौक से कैंट बोर्ड कार्यालय तक जुलूस निकाला और जोरदार नारेबाजी की। इस दौरान बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिक और जनप्रतिनिधि शामिल रहे।
जनसभा के बाद रक्षा मंत्री को भेजा ज्ञापन
गांधी चौक में आयोजित जनसभा में वक्ताओं ने नाम परिवर्तन के प्रस्ताव का पुरजोर विरोध किया। इसके बाद एसडीएम शालिनी मौर्य के माध्यम से रक्षा मंत्री Rajnath Singh को ज्ञापन भेजा गया, जिसमें लैंसडौन का नाम यथावत रखने की मांग की गई।
नाम बदलने के प्रस्ताव से बढ़ा विवाद
दरअसल, 10 अप्रैल को हुई कैंट बोर्ड बैठक में लैंसडौन का नाम “जसवंतगढ़ छावनी” रखने का प्रस्ताव पारित किया गया था। इस फैसले के बाद से ही क्षेत्र में विरोध तेज हो गया है और स्थानीय लोगों में आक्रोश देखने को मिल रहा है।
‘पहचान मिटाने की कोशिश’ – स्थानीय लोग
प्रदर्शनकारियों का कहना है कि लैंसडौन की पहचान देश-विदेश में एक प्रसिद्ध हिल स्टेशन और पर्यटन नगरी के रूप में है। नाम बदलने से इसकी ऐतिहासिक और वैश्विक पहचान को नुकसान पहुंचेगा।
वक्ताओं ने कहा कि सरकार को नाम बदलने के बजाय क्षेत्र के विकास पर ध्यान देना चाहिए।
राजनीतिक नेताओं ने भी जताई आपत्ति
कांग्रेस नेता रघुवीर बिष्ट और धीरेंद्र प्रताप समेत कई जनप्रतिनिधियों ने भी नाम परिवर्तन का विरोध किया। उनका कहना है कि यह निर्णय क्षेत्र की पहचान और पर्यटन पर नकारात्मक प्रभाव डाल सकता है।
विभिन्न संगठनों ने छावनी परिषद के अधिकारियों को भी ज्ञापन सौंपकर अपना विरोध दर्ज कराया।